डब्लयूडब्ल्यूई के स्टार रेसलर हल्क नहीं रहे
डब्लयूडब्ल्यूई के स्टार रेसलर रहे हल्क होगन का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। वह 71 साल के थे। प्राप्त जानकारी के अनसार दौरा पड़ने के बाद हल्क के घर पर डॉक्टर भी पहुंचे थे पर हालात गंभीर होने के कारण उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया पर उनकी जान नहीं बच पायी। बाद में पता चला कि वह कैंसर से भी पीड़ित थे पर ये बात उन्होंने सार्वजनिक नहीं की थी।
कुछ ही सप्ताह पहले हल्क होगन की पत्नी ने उन अफवाहों को गलत बताया था कि वह बेहोश हैं। हल्क की पत्नी ने कहा था कि उनका दिल मजबूत है और वह सर्जरी से उबर रहे हैं। वह वो 80 के दशक में प्रशंसकों के लिए एक रियल लाइफ सुपरहीरो जैसे थे। दमदार शरीर, पीला-लाल रंग का कॉस्ट्यूम और उनका स्लोगन उनकी खास पहचान थी. हल्क होगन ने अपने साहस और जुनून के चलते ही हल्कमैनिया का निर्माण किया। शुरुआती दिनों में वह विंस मैकमैहन की राष्ट्रीय विस्तार योजना का चेहरा बने थे। रेसलमेनिया 3 में आंद्रे द जाइंट के खिलाफ उनका मैच आज भी ऐतिहासिक माना जाता है।
हल्क कई बार डब्लयूडब्ल्यूई चैम्पियन रहे। शुरुआती आठ रेसलमेनिया में से सात के आयोजन में हल्क ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान प्रशंसकों की नजरें उनपर ही रहती थीं। उनकी अपार लोकप्रियता ने पेशेवर कुश्ती को अमेरिकी मनोरंजन में मुख्यधारा में ला दिया।
साल 1996 में विश्व चैम्पियनशिप रेसलिंग में वापसी करके हल्कने दुनिया को हैरान कर दिया था। हल्क इस बार पुराने लाल-पीले रंग के कॉस्ट्यूम की जगह पर काले-सफेद गियर में हॉलीवुड होगन के रूप में सामने आए। उनका ये अवतार आज भी रेसलिंग के सबसे चर्चित चेप्टर्स में से एक माना जाता है। पेशेवर कुश्ती पर हल्क होगन का प्रभाव किस कदर रहा है उसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्हें डब्लयूडब्ल्यूई हॉल ऑफ फेम में दो बार शामिल किया गया था।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महावीर जयंती पर श्रमण मुनि 108 संभव सागर जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया
केंद्र सरकार का अहम निर्णय: पेट्रोल पंपों से भी मिलेगा केरोसिन
राजनीति में विनम्रता, मर्यादा और अनुशासन आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
बगावत बर्दाश्त नहीं’ – टिकट विवाद पर Mamata Banerjee सख्त
बिहार को बनाएंगे देश का नंबर-1 प्रदेश – Nishant Kumar की पहली प्रतिक्रिया
एमएसएमई इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र और लाखों परिवारों के स्वावलंबन का हैं आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
होर्मुज संकट से हड़कंप: Strait of Hormuz बंद होने से ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा खतरा
राज्यपाल बागडे से त्रिपुरा के राज्यपाल एन. इंद्रसेना रेड्डी की शिष्टाचार भेंट
अफीम उत्पादकों के लिए खुशखबरी! 1 अप्रैल से शुरू होगी तौल प्रक्रिया, सरकार ने बनाई रणनीति
राज्य में टाइप-1 डायबिटीज उपचार और सिकल सेल एनीमिया प्रबंधन को मिलेगी मजबूती