जयपुर:राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के दौर से फिलहाल आम जनता को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश के किसी भी हिस्से के लिए भारी या अत्यधिक भारी बारिश की कोई विशेष चेतावनी (अलर्ट) जारी नहीं की गई है। इस बदलाव से जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों का सामना कर रहे इलाकों को सामान्य स्थिति में लौटने का अवसर मिलेगा और प्रशासनिक टीमों को भी राहत कार्यों को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी।

प्रदेश के 13 जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना

भले ही भारी बारिश का कोई बड़ा अलर्ट न हो, लेकिन मानसून की सक्रियता के कारण राज्य के 13 चुनिंदा जिलों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा। इन चिह्नित जिलों के स्थानीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा दर्ज की जा सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इन क्षेत्रों में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, जिससे मौसम खुशनुमा बना रहेगा और तापमान में भी हल्की गिरावट दर्ज की जाएगी।

किसानों और आम जनता के लिए मौसम विभाग के जरूरी सुझाव

मौसम में आए इस आंशिक बदलाव को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों और मौसम विभाग ने स्थानीय नागरिकों तथा विशेषकर किसानों को अपनी दैनिक गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रखने की सलाह दी है। हालांकि, हल्की बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए लोगों से आग्रह किया गया है कि वे खराब मौसम के दौरान पेड़ों या कमजोर इमारतों के नीचे शरण न लें। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम करने वाले किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे मौसम के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें ताकि किसी भी आकस्मिक मौसमी बदलाव से बचा जा सके।

आगामी दिनों में मानसून की चाल और प्रशासनिक तैयारियां

मौसम विभाग की तकनीकी टीम लगातार वायुमंडलीय दबाव और मानसूनी हवाओं के रुख की बारीकी से निगरानी कर रही है। आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियों में एक बार फिर तेजी आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है, जिसके मद्देनजर राज्य आपदा राहत बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय जिला प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में बारिश की रफ्तार धीमी होने से नगरीय निकायों को जल निकासी की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने का पर्याप्त समय मिल गया है, ताकि भविष्य में होने वाली भारी बारिश से निपटा जा सके।