वेदांता की 'बिग सेल': हिंदुस्तान जिंक के शेयर बेचकर 7500 करोड़ रुपये जुटाएगी कंपनी, निवेशकों की नजर
हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL) में बड़ी ब्लॉक डील हो सकती है. प्रमोटर कंपनी वेदांता ब्लॉक डील के जरिए हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड में 7,500 करोड़ रुपये के शेयर बेच सकती है. शेयरों को पिछले बंद भाव से 10 फीसदी तक की छूट पर पेश किए जाने की संभावना है. डीएएम कैपिटल और सिटी ब्रोकर के रूप में इस डील का प्रबंधन कर रहे हैं. ताजा शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, वेदांता के पास कंपनी में 63.42 फीसदी हिस्सेदारी थी. मंगलवार 17 जून को हिंदुस्तान जिंक के शेयर एनएसई पर 5.26 फीसदी गिरकर 485.95 रुपये पर बंद हुए.
प्रोडक्शन कैपेसिटी को बढ़ा रही कंपनी
हिंदुस्तान जिंक ने एक्सचेंजों को सूचित किया कि उसके बोर्ड ने जिंक, लेड और सिल्वर उत्पादन की अपनी क्षमता को दोगुना करने की योजना के शुरुआती चरण को मंजूरी दे दी है. इस विस्तार के हिस्से के रूप में कंपनी अपनी इंटीग्रेटेड रिफाइन्ड मेटल कैपिसिटी को 250 किलोटन प्रति वर्ष (ktpa) तक बढ़ाएगी, साथ ही माइनिंग और मिलिंग कैपेसिटी में भी इसी तरह की वृद्धि होगी.
अंतरिम डिविडेंड पर नजर
12,000 करोड़ रुपये की इस परियोजना को 36 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जो बढ़ती वैश्विक मांग के मद्देनजर कंपनी की क्षमता निर्माण की दिशा में आक्रामक कदम का संकेत है. इस बीच वेदांता लिमिटेड के शेयरधारक बुधवार के कारोबारी सत्र पर नजर गड़ाए हुए हैं, जब कंपनी का बोर्ड चालू वित्त वर्ष के लिए अपने पहले अंतरिम डिविडेंड प्रस्ताव पर विचार करने वाला है.
कंपनी ने दिए हैं जमकर डिविडेंड
वित्त वर्ष 25 में अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाले समूह ने डिविडेंड के रूप में प्रति शेयर 43.5 रुपये का भुगतान किया. हिंदुस्तान जिंक को लगातार हाई डिविडेंड भुगतान के लिए जाना जाता है. कंपनी ने पिछले 12 महीनों में प्रति शेयर 19 रुपये का डिविडेंड दिया है.
21 जिलों के निरीक्षण में खामियां उजागर, राज्य खाद्य आयोग ने विभागों को दिए सख्त निर्देश
सृजन अभियान के तहत सामुदायिक पुलिसिंग की पहल
कंबाइन हार्वेस्टरों को मिलेगी टोल से छूट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मसाला क्षेत्र विस्तार योजना: मसाले की खेती ओर बढ़ रहा किसानों का रूझान
पश्चिम एशियाई संकट के बीच उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटी सरकार
वर्तमान समय जनजातीय समाज के विकास का अभूतपूर्व काल- राज्यपाल पटेल
धर्म नगरी वाराणसी में 3 से 5 अप्रैल तक होगा महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का ऐतिहासिक मंचन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
CISF कांस्टेबल भर्ती विवाद: शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार की याचिका खारिज की
पारदर्शी आबकारी नीति से राजस्व में रिकॉर्ड उछाल, मोनोपाली टूटी