अमेरिका के टॉयमेकर ने टैरिफ को लेकर सु्प्रीम कोर्ट में ट्रंप को दी मात!
वाशिंगटन। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक आपातकालीन टैरिफ को अवैध घोषित कर दिया है। इस फैसले के बाद सबसे ज्यादा जिस नाम की चर्चा है वह है, रिक वोल्डनबर्ग, जो ट्रंप की आक्रामक टैरिफ नीति के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पहुंचे। बता दें टैरिफ की मार और सप्लाई चेन की अनिश्चितता के बीच, लर्निंग रिसोर्सेज के सीईओ रिक वोल्डनबर्ग ने इस कानूनी लड़ाई का नेतृत्व किया है। रिक वोल्डनबर्ग ने ट्रंप प्रशासन के आईईईपीए कानून के इस्तेमाल को चुनौती देते हुए, तर्क दिया कि ये नीतियां बड़ी कंपनियों के लिए नहीं बल्कि उन मध्यम वर्गीय उद्योगों के लिए काल हैं जो पीढ़ियों से चल रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप की टैरिफ को चुनौती देने वाले रिक वोल्डनबर्ग शिकागो में एक पारिवारिक टॉय कंपनी चलाते हैं। ट्रंप प्रशासन के लिबरेशन डे टैरिफ की घोषणा के कुछ ही दिनों के अंदर उन्होंने वकीलों से संपर्क कर ट्रंप के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से उनको जीत मिली है और ट्रंप को हार। उन्होंने कोर्ट में तर्क दिया था कि टैरिफ छोटे और मिड-साइज बिजनेस को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रहे हैं, जबकि बड़ी कंपनियां लॉबिंग और संसाधनों के दम पर खुद को बचा लेती हैं।
वोल्डनबर्ग की कंपनी अपने ज्यादातर एजुकेशनल खिलौने एशिया में बनाती है। ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए आईईईपीए कानून के तहत टैरिफ के कारण लागत में अचानक बढ़ोत्तरी हो गई और कंपनी को नुकसान का सामना करना पड़ा, जिसके चलते वोल्डनबर्ग ने या वेयरहाउस प्रोजेक्ट नई भर्ती रोक दी। यही नहीं उनकी कंपनी को मार्केटिंग बजट में भी कटौती करनी पड़ी। ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ के बाद उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि कंपनी छोटी हो जाएगी और कम कमाई करेगी, और वही हुआ भी।
वोल्डनबर्ग की कंपनी पर सबसे ज्यादा असर लोकप्रिय प्रोडक्ट पर पड़ा। टैरिफ शुल्क के उतार-चढ़ाव के बीच उनकी कंपनी को कभी भारत शरणार्थियों की तरह अलग-अलग देशों में उत्पादन शिफ्ट करने को मजबूर हो गई थी। यह समस्या सिर्फ उनकी ही कंपनी के लिए नहीं बल्कि अन्य अमेरिकी कंपनियों के लिए भी थी, लेकिन बड़े अमेरिकी कॉरपोरेट्स इस कानूनी लड़ाई से दूरी बनाए रहे। एक्सपर्ट के मुताबिक बड़ी कंपनियों के पास कैश रिजर्व और सप्लाई चेन मैनेजमेंट की क्षमता होती है, इसलिए वे सीधे कोर्ट जाने के बजाय लॉबिंग पर जोर देती हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक वोल्डनबर्ग के साथ दर्जनों छोटे व्यवसाय और कुछ गैर-लाभकारी संगठन खड़े हुए। कोर्ट में कंपनियों का तर्क था कि 1977 का आईईईपीए कानून राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने की अनुमति नहीं देता। अमेरिका की निचली अदालतों ने भी ट्रंप की टैरिफ को कानून का उल्लंघन बताया था।
रिकॉर्डबुक में दर्ज हुआ श्रेयस अय्यर का नाम, पहली जीत के साथ तोड़ा धोनी का रिकॉर्ड
छात्र आंदोलन पर विराट कोहली के नाम से वायरल पोस्ट, फैक्ट चेक में हुआ बड़ा खुलासा
अमेरिका में 'रामायण' का भव्य ट्रेलर लॉन्च, रणबीर कपूर ने राहा के लिए जताई खुशी
'रामायण' ट्रेलर पोस्टपोन होने के पीछे क्या है सच? अफवाहों और असली वजह से उठा पर्दा
प्रदर्शन खत्म करने की सलाह देकर घिरे सलमान खान, सोशल मीडिया पर मिली तीखी प्रतिक्रिया
सरकारी पाइप चोरी का खुलासा, मामा-भांजे को पुलिस ने दबोचा
शेयर बाजार में कैलिबर माइनिंग की शानदार एंट्री, पहले दिन 19% की बढ़त
सोनिया गांधी बोलीं- छात्रों के साथ हो रहा दुश्मनों जैसा व्यवहार, सरकार पर साधा निशाना
PM मोदी का छात्रों को भरोसा, पेपर लीक पर आएगा नया कानून
बारिश बनी रेल यात्रियों की परेशानी, कई ट्रेनें रद्द और शॉर्ट टर्मिनेट