पुतिन से झल्लाए ट्रंप का जेलेंस्की को ऑफर!
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कथित तौर पर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से एक निजी फोन कॉल के दौरान मॉस्को पर हमला करने की बात कही। उन्होंने कथित तौर पर यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से पूछा कि अगर अमेरिका उन्हें लंबी दूरी के हथियार मुहैया कराए तो क्या वो रूस की राजधानी मास्को पर हमला कर सकते हैं। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत 4 जुलाई को हुई थी। ट्रंप की यह बातचीत रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के उनके वादे से बिल्कुल अलग है जिसमें वो युद्ध को और अधिक भडक़ाने की बात कर रहे हैं।
जेलेंस्की से बातचीत से ठीक एक दिन पहले ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की थी। कथित तौर पर पुतिन से ट्रंप की बातचीत सफल नहीं रही थी जिसके बाद ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति के साथ बातचीत को खराब बताया था।
रूस-यूक्रेन जंग में सीजफायर अब दूर की कौड़ी
ट्रंप रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौता कराने का वादा कर सत्ता में आए थे और उन्होंने कहा था कि राष्ट्रपति बनने के 24 घंटे के अंदर वो युद्ध रुकवा देंगे लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो सका है। ट्रंप चाहते हैं कि जल्द से जल्द रूस-यूक्रेन युद्ध रुक जाए और इसी बीच नोबेल पुरस्कार के लिए उनका नॉमिनेशन भी हुआ है। लेकिन पुतिन ट्रंप के कहे अनुसार, जल्दबाजी में उनकी शर्तों पर युद्धविराम के लिए तैयार नहीं हैं जिससे ट्रंप पुतिन पर आए दिन नाराजगी जता रह हैं। पुतिन से बात करने के अगले ही दिन 4 जुलाई को ट्रंप ने जेलेंस्की को फोन मिलाया और पूछा कि अगर वो हथियार मुहैया कराएं, तो क्या जेलेंस्की रूस के अंदरूनी इलाकों, राजधानी मास्को में सैन्य ठिकानों पर हमला कर सकते हैं।
क्या रूस पर हमला कर सकते हैं?
ट्रंप ने कथित तौर पर पूछा कि वोलोदिमीर, क्या आप मॉस्को पर हमला कर सकते हैं?... क्या आप सेंट पीटर्सबर्ग पर भी हमला कर सकते हैं? इस पर जेलेंस्की ने जवाब दिया कि बिल्कुल। अगर आप हमें हथियार दें, तो हम कर सकते हैं, सूत्रों ने कहा कि, ट्रंप उन्हें (रूसियों को) दर्द महसूस कराना चाहते हैं और रूस को बातचीत की टेबल पर आने के लिए मजबूर करना चाहते हैं। हालांकि, फिलहाल यह साफ नहीं है कि अमेरिका यूक्रेन के लंबी दूरी के हथियार देगा या नहीं जिससे मास्को पर हमला किया जा सके। इस कॉल के बाद पिछले हफ्ते रोम में एक बैठक हुई, जहां अमेरिकी अधिकारियों ने जेलेंस्की के साथ संभावित लंबी दूरी की हथियार प्रणालियों की एक लिस्ट शेयर की। अमेरिका ने फिलहाल प्रत्यक्ष विदेशी सहायता पर रोक लगा रखा है और माना जा रहा है यूक्रेन को हथियारों का यह हस्तांतरण कथित तौर पर यूरोपीय सहयोगियों के जरिए किया जाएगा।
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