गर्मी के मौसम में बढ़ी डिमांड के बीच महंगाई का असर
जबलपुर। जबलपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में गर्मी का सीजन शुरू होते ही बीयर और विदेशी शराब की भारी किल्लत खड़ी हो गई है। प्रदेश में नई आबकारी नीति और ठेकों के संचालन के शुरुआती दौर में ही सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा गई है। बीयर की बढ़ती मांग को देखते हुए आबकारी विभाग ने प्रदेश से बाहर होने वाले निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है ताकि स्थानीय दुकानों की आवश्यकता को पूरा किया जा सके। इसके बावजूद वेयरहाउस से दुकानों तक माल नहीं पहुंच पा रहा है। लोकप्रिय और प्रीमियम ब्रांड्स की उपलब्धता शून्य होने के कारण ग्राहकों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है, जिससे ठेकेदारों और विभाग के बीच तनाव बढ़ गया है।
बिलिंग प्रणाली में तकनीकी खामियां
नए वित्तीय वर्ष में ऑनलाइन और ऑफलाइन बिलिंग सॉफ्टवेयर में आ रही तकनीकी दिक्कतों ने संकट को और गहरा कर दिया है। ठेकेदारों का कहना है कि शराब कंपनियों के प्रमुख ब्रांड्स की बिलिंग प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाने से वेयरहाउस में स्टॉक जाम पड़ा है। जबलपुर संभाग के कारोबारियों के अनुसार, दुकानों का संचालन करने के लिए करोड़ों रुपये की ड्यूटी चुकाना अनिवार्य है, लेकिन जब बेचने के लिए पर्याप्त माल ही नहीं होगा तो राजस्व की भरपाई करना असंभव हो जाएगा। स्टॉक की उपलब्धता सामान्य होने में अभी 8 से 10 दिन का समय लगने की संभावना है, जो पीक सीजन में बड़े आर्थिक नुकसान का संकेत है।
राजस्व वसूली पर संकट, तालमेल का अभाव
आबकारी विभाग के लिए ग्रीष्मकाल का समय सबसे अधिक राजस्व अर्जन का होता है, परंतु वर्तमान अव्यवस्था से सरकारी खजाने पर भी विपरीत असर पड़ने के आसार हैं। कंपनियों और विभाग के बीच समन्वय की कमी के कारण सप्लाई बाधित हुई है। ठेकेदारों ने मांग की है कि प्रीमियम शराब की आपूर्ति और बिलिंग के मुद्दों को प्राथमिकता पर सुलझाया जाए। यदि समय रहते आपूर्ति सुचारू नहीं की गई तो ठेकेदार निर्धारित कोटा पूरा करने में असमर्थ रहेंगे। फिलहाल पूरे प्रदेश में माल की रवानगी और ब्रांड्स की उपलब्धता को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
वैभव सूर्यवंशी ने अपने करियर की पहली फिफ्टी किसे डेडिकेट की? जानिए पूरी कहानी
गुवाहाटी में मानसून का कहर, जलभराव से लोगों की बढ़ी चिंता
EPFO ने शुरू किया ब्याज का भुगतान, आपके खाते में आया पैसा या नहीं ऐसे करें पता
क्या तेल की जंग ने बढ़ाई ईरान-सऊदी दूरी? सामने आई नई थ्योरी
NEET लीक केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा संदेश- छात्रों के हित सर्वोपरि
भारत-जिम्बाब्वे दूसरा टी20 देखने से पहले जान लें मैच की टाइमिंग और बाकी जरूरी जानकारी
अतिक्रमण हटाने पर हाई कोर्ट सख्त, सरकार से पूछा- इच्छाशक्ति की कमी क्यों?
डॉलर की कमी से परेशान पाकिस्तान को चीन ने दी नई संजीवनी
'मोबाइल बन रहा माता-पिता का विकल्प', सुप्रीम कोर्ट ने बताई समाज की बड़ी चुनौती
जिस मगरमच्छ से दुनिया डरती थी, गांव वालों की आंखों का तारा था गंगाराम