राजधानी में दिखा बंद का असर
जयपुर । एससी-एसटी आरक्षण में क्रीमीलेयर और उप वर्गीकरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरोध में आज बुधवार को भारत बंद का असर राजधानी जयपुर में दिखाई दिया आम दिनों की तुलना में सड़क पर चहल-पहल कम दिखाई दे रही है लोग जरूरी होने पर ही बाहर निकल रहे है शहर के ज्यादातर इलाकों में दुकानें बंद है रामनिवास बाग स्थित अल्बर्ट हॉल से एससी-एसटी संगठनों की ओर से रैली निकाली गई यह रैली परकोटे के विभिन्न स्थानों से होकर वापस रामनिवास बाग पहुंची। मिनी बसें भी शहर में आम दिनों की तुलना में कम ही नजर आई इसके चलते लोगों को पैदल जाना पड़ा या ऑटो और ई रिक्शा लेने पड़े. लो फ्लोर बसों का संचालन बंद रखा गया है. बसों को सुरक्षित स्थानों पर खड़ा करवाया गया है। बंद के आह्वान का राजधानी में शराब की दुकानों पर भी असर देखा गया. आबकारी विभाग के आदेश पर जयपुर शहर और जयपुर ग्रामीण में स्थित शराब की दुकानें भी बंद रखी गई. बंद के चलते जयपुर की सड़कों पर रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों ने फ्लैग मार्च किया, जबकि जगह-जगह पुलिस का भारी जाब्ता तैनात किया गया। एससी-एसटी संगठनों की ओर से बंद के आह्वान को कई राजनीतिक दलों ने भी समर्थन दिया है. कांग्रेस के साथ ही बहुजन समाज पार्टी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने भी बंद को समर्थन दिया है. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि यह संविधान का मामला है और बात जब संविधान की है तो कांग्रेस का कार्यकर्ता पीछे हटने वाला नहीं है. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक हनुमान बेनीवाल और बसपा के प्रदेशाध्यक्ष भगवान सिंह बाबा ने भी बंद को समर्थन दिया है।
प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को किया जाए प्रोत्साहित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध हथियारों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही
विगत दो दिनों में प्रदेश भर में मादक पदार्थ तस्करों पर सख्त कार्रवाई
भारत की प्राचीनतम चिकित्सा विधा "आयुर्वेद" को आगे बढ़ाने की आवश्यकता : मंत्री परमार
आगामी 25 वर्ष में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 22.50 लाख रुपए करने का है लक्ष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राहुल गांधी को संसद के कामकाज में कोई रुचि नहीं........वे काम को बाधित करते
आखिर राजपाल यादव को जमानत मिल ही गई, जानिए कितने करोड़ जमा करने पड़े