झालावाड़। राजस्थान के झालावाड़ जिले में नशे के सौदागरों और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ प्रशासन ने एक बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। शनिवार की अलसुबह वन विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने एक संयुक्त और बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग बावन पर पचोला के समीप स्थित एक अवैध ढाबे को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया। खेड़ी पचोला के रहने वाले भंवरलाल नामक व्यक्ति द्वारा संचालित किए जा रहे इस ढाबे पर लंबे समय से खान-पान की आड़ में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार और तस्करी को बढ़ावा देने के बेहद गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद यह कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।

बेशकीमती सरकारी वन भूमि पर अतिक्रमण और अनदेखी का अंत

इस पूरी कार्रवाई की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो प्रशासन को यह जानकारी मिली थी कि आरोपी ने अकलेरा रेंज के अंतर्गत आने वाली पर्यावरण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण और कीमती वन भूमि पर जबरन कब्जा जमा रखा था और उसी जमीन पर इस अवैध ढाबे का निर्माण किया गया था। इस संबंध में वन विभाग की ओर से आरोपी को पहले ही नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की चेतावनी देते हुए नोटिस भी थमाया गया था। इसके बावजूद जब तय समय सीमा के भीतर अवैध निर्माण को स्वेच्छा से नहीं हटाया गया, तो विभाग को बलपूर्वक इस अतिक्रमण को हटाने का कड़ा फैसला लेना पड़ा, जिसके चलते सुबह से ही पूरे पचोला इलाके में भारी तादाद में पुलिस और वन कर्मियों की तैनाती कर दी गई थी।

प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की देखरेख में जमींदोज हुआ अवैध ठिकाना

अतिक्रमण को पूरी तरह से साफ करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए शनिवार को वन विभाग और पुलिस के आला अधिकारी खुद जमीन पर मुस्तैद दिखाई दिए। यह पूरी बुलडोजर कार्रवाई सहायक वन संरक्षक मुकेश सहजवानी के कुशल मार्गदर्शन और क्षेत्रीय वन अधिकारी राजेंद्र मीणा के नेतृत्व में अकलेरा, असनावर व विशेष गश्ती दल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न की गई। मौके पर किसी भी तरह के विरोध या हंगामे की स्थिति से निपटने के लिए अकलेरा के पुलिस उपअधीक्षक बृजेश कुमार और घाटोली थाना प्रभारी अजय शर्मा भी भारी पुलिस बल के साथ वहां डटे रहे, जिससे पूरी कार्रवाई बिना किसी बाधा के पूरी हो सकी।

पूर्व की आपराधिक पृष्ठभूमि और नशीले पदार्थों की बड़ी बरामदगी

इस ढाबे का विवादों और अपराधों से पुराना नाता रहा है, क्योंकि पिछले वर्ष छब्बीस नवंबर को भी पुलिस को यहां अवैध नशीली चीजों की बिक्री होने की पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी। उस समय पुलिस की टीम ने अचानक छापा मारकर मौके से करीब सत्रह किलोग्राम से अधिक अवैध डोडाचूरा और एक सौ छह ग्राम अफीम जैसी खतरनाक ड्रग्स बरामद की थी। उस समय हुई इस बड़ी बरामदगी के बाद पुलिस ने ढाबा संचालक भंवरलाल मीणा समेत दो अन्य संलिप्त आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया था, जिससे यह साबित हो गया था कि यह स्थान केवल एक ढाबा नहीं बल्कि नशे का एक बड़ा अड्डा बन चुका था।

युवाओं और ट्रक चालकों को नशे के जाल में फंसाने वाले नेटवर्क पर प्रहार

उच्च अधिकारियों का कहना है कि यह आरोपी मुख्य मार्ग से गुजरने वाले ट्रक चालकों, राहगीरों और विशेष रूप से स्थानीय भोले-भाले युवाओं को अपना निशाना बना रहा था तथा उन्हें चंद पैसों के लालच में अवैध मादक पदार्थ बेचकर उनके भविष्य और जीवन के साथ खिलवाड़ करने में लिप्त था। इस कार्रवाई के माध्यम से प्रशासन ने क्षेत्र के तमाम अपराधियों और तस्करों को एक बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। जिला प्रशासन और पुलिस ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में भी पूरे जिले के भीतर नशा तस्करी के इस जाल को तोड़ने और सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटाने का यह विशेष खोजी अभियान इसी तरह पूरी आक्रामकता के साथ लगातार जारी रहेगा।