नशा कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, वन भूमि पर कब्जे की संपत्ति जमींदोज
झालावाड़: जिले के अकलेरा क्षेत्र के मानपुरा गुजरान गांव में वन भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाए गए दो बड़े निर्माणों को सोमवार सुबह वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। ये दोनों अवैध निर्माण मादक पदार्थ तस्करी के गंभीर मामलों में शामिल आरोपित व्यक्तियों के बताए जा रहे हैं। जिला प्रशासन का साफ कहना है कि अवांछित तत्वों को पहले ही कानूनी नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन तय समय सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाने पर नियमानुसार इस बड़ी ध्वस्तीकरण कार्रवाई को अंजाम दिया गया है।
करोड़ों की लागत से बन रहे आलीशान मकानों को किया जमींदोज
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने इस बड़ी कार्रवाई की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि महुआखोह के रहने वाले कालूलाल और गिरिराज तंवर ने अकलेरा रेंज के मानपुरा गुजरान इलाके में स्थित सरकारी वन भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करके पक्के मकानों का निर्माण करवा लिया था। इनमें से आरोपी गिरिराज वन विभाग की जमीन पर करीब तीन करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से एक आलीशान मकान का निर्माण करवा रहा था। चूंकि इन दोनों ही आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत दो-दो गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं, इसलिए प्रशासन ने इनकी अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर यह कड़ा कदम उठाया।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में तैनात रहा भारी पुलिस बल
यह पूरी कार्रवाई उप वन संरक्षक सागर पंवार के कड़े निर्देशों पर सहायक वन संरक्षक मुकेश सहजवानी के कुशल नेतृत्व में योजनाबद्ध तरीके से पूरी की गई। इस विशेष अभियान के दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी राजेंद्र मीणा सहित अकलेरा, असनावर और गश्ती दल का पूरा वन स्टाफ मौके पर डटा रहा। वहीं किसी भी प्रकार के विरोध या कानून व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस विभाग की ओर से अकलेरा डीवाईएसपी मनोज सोनी और थाना प्रभारी धर्माराम चौधरी के साथ भारी संख्या में हथियारबंद पुलिस बल तैनात रहा, जिससे कार्रवाई बिना किसी बाधा के संपन्न हुई।
करोड़ों रुपये की ड्रग्स तस्करी से जुड़ा है आरोपियों का पुराना रिकॉर्ड
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वे बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े रहे हैं। आरोपी कालूलाल के खिलाफ दर्ज एनडीपीएस मामलों में से एक मामला वर्ष 2019 का है, जबकि वर्ष 2025 में दर्ज दूसरे मामले में उसके पास से करीब एक करोड़ बीस लाख रुपये मूल्य की मादक पदार्थों की बड़ी खेप बरामद की गई थी। इसी तरह दूसरे आरोपी गिरिराज तंवर के खिलाफ भी वर्ष 2017 और 2019 में तस्करी के मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें लाखों रुपये की अवैध ड्रग्स जब्त की जा चुकी है।
नशीले पदार्थों की काली कमाई से बनी संपत्तियों पर एक्शन रहेगा जारी
स्थानीय पुलिस प्रशासन ने इस कार्रवाई के बाद अपराधियों को कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के जरिए अर्जित की गई हर प्रकार की अवैध संपत्ति के खिलाफ यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। पुलिस और वन विभाग की टीमें मिलकर ऐसे सभी अपराधियों की संपत्तियों का ब्यौरा जुटा रही हैं जिन्होंने सरकारी जमीनों पर कब्जे किए हैं। कानून के दायरे में रहते हुए ऐसे सभी अवैध कब्जों और अवैध रूप से खड़ी की गई इमारतों पर भविष्य में भी इसी तरह की सख्त और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी ताकि अपराध पर लगाम कसी जा सके।
जेल से बाहर आते ही बनाई गैंगस्टर स्टाइल रील, रीवा पुलिस ने दबोचकर उतारा 'बॉस' का भूत
1930 हेल्पलाइन पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश, साइबर सुरक्षा पर सरकार सख्त
दो महीने पहले हुई थी शादी, मायके में नवविवाहिता ने दी जान
सीएम यादव का विपक्ष को जवाब, बोले- 'सबके लिए समान व्यवस्था होगी'
पटरी पर उतरने से पहले ही मेट्रो पर करोड़ों की मार, 8 करोड़ के सर्विस चार्ज को लेकर बढ़ा विवाद
घायल छात्रों से मिलकर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को घेरा
बूंद-बूंद पानी के लिए जूझ रहा पाकिस्तान, कनाडा से मांगा सहयोग
महिला की हत्या कर छिपाना चाहते थे सच, दुर्ग पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
UCC बिल पास, उत्तराखंड-गुजरात-असम के बाद चौथा राज्य बना एमपी
रोहित शर्मा के भविष्य पर अश्विन का बड़ा बयान, कहा- फैसले का सम्मान करना चाहिए