SOG ने पूरी की पूछताछ, कोर्ट ने आरपीएससी पेपर लीक आरोपी के लिए दिया फैसला
जयपुर। राजस्थान के बेहद चर्चित कृषि व्याख्याता भर्ती परीक्षा-2022 के कथित पेपर लीक प्रकरण में शनिवार को स्थानीय अदालत में एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया पूरी हुई। विशेष जांच दल (एसओजी) द्वारा अपनी रिमांड की अवधि समाप्त होने और पूछताछ पूरी कर लिए जाने के बाद, राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के पूर्व सदस्य और इस पूरे मामले के मुख्य सूत्रधार बाबूलाल कटारा को जयपुर मेट्रोपॉलिटन कोर्ट-द्वितीय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से अदालत ने उन्हें 30 मई तक के लिए न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश सुरक्षित कर दिया है।
जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल और आरोपी के वकील की दलील
अदालती कार्यवाही के दौरान बाबूलाल कटारा के कानूनी सलाहकार भानु प्रकाश शर्मा ने अपने मुवक्किल के बचाव में कई महत्वपूर्ण पक्ष रखे। उन्होंने न्यायालय को अवगत कराया कि कटारा इस समय गंभीर मानसिक अस्वस्थता के दौर से गुजर रहे हैं और एक मनोरोगी हैं। इसके साथ ही उन्होंने मामले की जांच कर रही एसओजी की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताते हुए आरोप लगाया कि जांच एजेंसी कटारा को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही है, जिसके तहत एक मुकदमे की रिमांड खत्म होते ही उन्हें तुरंत किसी दूसरे पुराने मामले में उलझाकर दोबारा गिरफ्तार कर लिया जाता है, जिससे उनकी सेहत लगातार गिरती जा रही है।
गिरते स्वास्थ्य पर चिंता और जेल प्रशासन को चिकित्सा के कड़े निर्देश
बचाव पक्ष द्वारा आरोपी के खराब स्वास्थ्य और उसकी पुरानी मेडिकल रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए जेल परिसर के भीतर ही उच्च स्तरीय और उचित इलाज की व्यवस्था करने की पुरजोर मांग की गई। अदालत ने कटारा की मानसिक और शारीरिक स्थिति से जुड़े तमाम दस्तावेजों और तर्कों पर गंभीरता से विचार किया। न्यायाधीश ने बचाव पक्ष की चिंता को जायज मानते हुए जेल प्रबंधन को बेहद कड़े शब्दों में निर्देशित किया है कि आरोपी की मानसिक बीमारी को ध्यान में रखते हुए उन्हें कारागार के अंदर ही समय पर डॉक्टर और सभी आवश्यक दवाइयां हर हाल में उपलब्ध कराई जाएं।
प्रदेश की प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता और सख्त कानूनी कार्रवाई
यह पूरा मामला राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता और लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है, जिसमें आरपीएससी जैसे जिम्मेदार संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की संलिप्तता ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। एसओजी इस पूरे नेक्सस को तोड़ने के लिए लगातार कड़ियां जोड़ रही है और कटारा का जेल जाना इस जांच का एक अहम पड़ाव माना जा रहा है। आने वाले दिनों में न्यायिक हिरासत के दौरान इस परीक्षा घोटाले से जुड़े कई और रसूखदारों के चेहरों से नकाब हटने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
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