शशि थरूर का बड़ा बयान: मोदी की तारीफ का मतलब भाजपा जॉइन करना नहीं
नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने साफ कर दिया है कि वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल नहीं होने वाले हैं। दरअसल, हाल ही में प्रकाशित एक लेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ के बाद अटकलों का दौर शुरू हो गया था। खास बात है कि थरूर ने पीएम मोदी की तारीफ ऐसे समय पर की थी, जब कांग्रेस विदेश नीति के मुद्दे पर लगातार एनडीए सरकार को घेर रही है। रिपोट्र्स के अनुसार, थरूर ने कहा कि यह एक लेख है, जिसमें मैंने आउटरीच मिशन की सफलता के बारे में बताया है, जो सभी दलों की एकजुटता को दिखाता है। उन्होंने कहा कि मैंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद दूसरे देशों से बातचीत में गतिशीलता और ऊर्जा दिखाई है। भाजपा की विदेश नीति या कांग्रेस की विदेश नीति जैसा कुछ नहीं है। सिर्फ भारत की विदेश नीति है। उन्होंने कहा कि मैं जब 11 साल पहले संसद की विदेश मामलों की समिति का अध्यक्ष बना था, तब यह बात कही थी। उन्होंने कहा कि यह संकेत नहीं है कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पार्टी में जा रहा हूं।
यह राष्ट्रीय एकजुटता का संदेश है। थरूर ने एक लेख में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद किया गया राजनयिक संपर्क राष्ट्रीय संकल्प और प्रभावी संवाद का क्षण था। लेख में थरूर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा, उनका बहुआयामी व्यक्तित्व और संवाद की तत्परता वैश्विक मंच पर भारत के लिए एक अहम पूंजी बनी हुई है, लेकिन इसे अधिक समर्थन की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर थरूर के इस लेख को साझा किया और कहा कि थरूर लिखते हैं कि ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित वैश्विक पहुंच से सबक।
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (18 फ़रवरी 2026)
योग से सशक्त होगा युवा वर्ग, शिक्षा के साथ स्वास्थ्य भी आवश्यक :रूपनारायण सिन्हा
सरगुजा जिले में पीएम आवास निर्माण ने पकड़ी रफ्तार
छत्तीसगढ़: नक्सल छाया से पर्यटन हब तक की शानदार यात्रा
श्रमिक जन संवाद/श्रमिक सम्मेलन का हुआ आयोजन
मुद्रा लोन से साकार हुआ सपना, बुढाडांड की प्रीति गुप्ता बनीं लखपति दीदी
बड़वानी जिले को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने के लिये कृषि उन्नयन संवाद का हुआ आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुलैथ में बुधवार को कृषक कल्याण वर्ष के पहले किसान सम्मेलन का करेंगे शुभारंभ
हरदा के डायल-112 हीरोज: सूझबूझ और साहस से टली बड़ी दुर्घटना
विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कोचिंग संस्थानों के लिए नए नियमों पर मंथन