सड़क सुरक्षा पर सवाल: 50 लोगों की मौत के बाद हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर स्वतः संज्ञान लिया है. कोर्ट ने सरकार से सड़क सुरक्षा सुधार हेतु उठाए गए कदमों पर शुरुआती रिपोर्ट मांगी है. फलोदी, जयपुर और जैसलमेर में हाल की घटनाओं ने हाईकोर्ट को हस्तक्षेप करने के लिए मजबूर किया है. कोर्ट ने नागरिकों में सार्वजनिक और सड़क सुरक्षा के प्रति उदासीनता को “गंभीर चिंता का विषय” बताया है. इसके साथ ही नियामक ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया है.
राजस्थान में बीते दिनों हुई सड़क दुर्घटना ने हर किसी को हैरान कर दिया, जब फलौदी में एक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई. इसके अलावा जयपुर में भी डंपर की टक्कर से 14 लोगों की जान चली गई. इसके साथ ही कई लोग घायल भी हुए हैं. इसके अलावा बस में आग लगने से भी 20 लोग जिंंदा जले थे. कुल मिलाकर एक हफ्ते के भीतर सड़क हादसों में 50 लोगों की जान चली गई.
कोर्ट ने सरकार से मांगी रिपोर्ट
राजस्थान में लगातार हो रहे भीषण सड़कों पर अब हाईकोर्ट ने खुद ही संज्ञान लिया है. यही वजह है कि कोर्ट ने सरकार ने सड़क सुरक्षा को लेकर उठाए गए कदमों की रिपोर्ट मांगी है. जस्टिस अनुरूप सिंघी और पीएस भाटी की बेंच ने ये कदम उठाया है. इसके साथ ही उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का हवाला भी दिया. उन्होंने कहा कि हाल में हुई घटनाओं ने सड़क सुरक्षा पर तात्कालिक जोर देने के लिए कोर्ट को मजबूर किया है.
एक महीने के भीतर प्रदेश में कई हादसे
राजस्थान में पिछले एक महीने के दौरान कई सड़क हादसे हुए हैं. इन हादसों में दर्जनों लोगों ने अपनी जान गंवाई है. कोर्ट ने विभागों के साथ-साथ अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल और अतिरिक्त महाधिवक्ता को निर्देश दिया कि वे अपने विभागों से जुड़े सड़क सुरक्षा और जन सुरक्षा के मुद्दे पर, विशेष रूप से हुई असामयिक मौतों के संदर्भ में, अपना पक्ष प्रस्तुत करें.
केंद्र और राज्य दोनों से मांगा कोर्ट ने जवाब
कोर्ट ने आगे कहा कि यह गंभीर चिंता का विषय है कि “देश अपने मानव संसाधन को अत्यधिक महत्व देता है, लेकिन नागरिकों में सार्वजनिक और सड़क सुरक्षा के प्रति व्यापक उदासीनता और लापरवाही सामाजिक पीड़ा को बढ़ा रही है. इस अदालत के सामने पेश तथ्य एक व्यापक प्रणालीगत मुद्दे को उजागर करते हैं, जिस पर न्यायिक ध्यान और निर्देशन की आवश्यकता है.
अदालत ने हाल ही में हुई दुर्घटनाओं में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. पूरे मामले की सुनवाई 13 नवंबर को होगी. हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को भी अपना जवाब दाखिल करने को कहा गया है.
छात्र आंदोलन पर सियासत तेज, राहुल बोले- PM मोदी माफी मांगें, अमित शाह जिम्मेदार
शरद पवार का खुलासा: PM से हुई चर्चा के बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की कहानी में आया मोड़
नौकरी के नाम पर बना बंधक, युवकों की दर्दभरी कहानी सुन पुलिस भी रह गई हैरान
'यहां इस्तीफे नहीं होते'... लेकिन 12 साल में बदलते रहे मंत्री, जानिए पूरी कहानी
सीरिया में बड़ा सड़क हादसा, बस पलटने से 35 लोगों की गई जान
लेक्चरर भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध, हाईकोर्ट में दायर हुई याचिका
हड़ताल पर बैठे छात्रों का ऐलान, अब मंत्री के खिलाफ खोला मोर्चा
एक साथ 10 इस्तीफे, रालोद में उठे असंतोष के सुर, राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज