कच्चे माल की लागत बढ़ने से कंपनियों को झटका
लखनऊ। ईरान-अमेरिका जंग के कारण बोतलबंद पानी भी महंगा हो गया है। कच्चे माल और परिवहन लागत बढ़ने से कंपनियों को झटका लगा है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर - एसोसिएशन और उत्तर प्रदेश पैकेज्ड वॉटर एसोसिएशन ने दाम बढ़ाए हैं। 12 बोतलों के एक डिब्बे की कीमत में न्यूनतम 10 रुपये की वृद्धि की गई है। यदि युद्ध लंबा चला तो अगले सात दिन में यह महंगाई दोगुनी हो सकती है। अकेले उत्तर प्रदेश में बोतलबंद पानी का बाजार पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक का है। बोतलबंद पानी के संगठनों के अनुसार, पीईटी रेजिन की कीमतों में करीब 25.75 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। इससे बोतलों और प्रीफॉर्म की लागत सीधे प्रभावित - हुई है। 6 मार्च से विभिन्न पॉलिमर की कीमतों में भी बड़ा इजाफा हुआ - है। हाई-डेंसिटी पॉलीइथिलीन - (एचडीपीई) में 15,000 रुपये प्रति मीट्रिक टन की वृद्धि हुई है। लो डेंसिटी पॉलीइथिलीन (एलडीपीई) में 17,000 रुपये प्रति मीट्रिक टन = की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
उत्पाद उपलब्ध कराना मुश्किल
एलडी एएल/डब्ल्यू एंड सी में 18,000 रुपये प्रति मीट्रिक टन तक बढ़ोतरी हुई है। वहीं एलडी एचडी/ईसी में 20,000 रुपये प्रति मीट्रिक टन की वृद्धि दर्ज की गई है। सर्च एक्वा के प्रबंध निदेशक नीतेश सक्सेना ने बताया कि कच्चे माल की भारी वृद्धि से उत्त्पाद उपलब्ध कराना मुश्किल है। भू-राजनीतिक तनाव से पैकेजिंग और उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की कीमतें लगातार बढ़ी हैं।
उत्पादन और आपूर्ति पर प्रभाव
सात मार्च तक श्रिंक पैक की कीमत में 35 फीसदी, पीईटी प्रीफॉर्म में 25 फीसदी और ढक्कन की कीमत में 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। कंपनियों ने कहा है कि बढ़ती लागत को पूरी तरह वहन करना संभव नहीं है। उत्पादन और आपूर्ति बनाए रखने के लिए कीमतों में संशोधन आवश्यक हो गया है। नई दरों के तहत 250 मिली, 500 मिली, 1 लीटर और 2 लीटर की बोतलों के डिब्बे में 10 रुपये तक की बढ़ोतरी तत्काल लागू की गई है। उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन न्यूनतम 55-60 लाख बोतलों की खपत होती है।
संसद में NEET विवाद पर बढ़ा सियासी टकराव, राहुल गांधी की बैठक से क्या निकलेगा हल?
CJP प्रोटेस्ट विवाद: सरकार ने कहा- संवाद के रास्ते खुले, 4 बार भेजा बातचीत का न्योता
हापुड़ में 6 साल की बच्ची से कथित दुष्कर्म प्रयास, पुलिस ने दर्ज किया केस
शिक्षा पर कितना निवेश, कितना बदलाव? मोदी सरकार के 12 साल का डेटा आया सामने
झाबुआ रेल विवाद: 6 घंटे इंतजार के बाद यात्रियों ने रोका ट्रैक, बोले- लोकल को दी जा रही प्राथमिकता
'युवा सीधे संवाद चाहते हैं', विक्रमादित्य सिंह ने PM मोदी को दिया सुझाव
₹35 हजार का जुर्माना और 1000 लोगों को भोज, छत्तीसगढ़ से सामने आया चौंकाने वाला मामला
आलिया भट्ट, माधवन समेत कई सेलेब्स आए छात्रों के समर्थन में, सोशल मीडिया पर रखी राय