बाड़मेर की सियासत गरमाई, मेवाराम जैन की घर वापसी पर घमासान
बाड़मेर. राजस्थान के रेगिस्तानी इलाके से राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है. कांग्रेस से निष्कासित बाड़मेर के पूर्व विधायक मेवाराम जैन की पार्टी में वापसी हो सकती है. जैन की कांग्रेस में वापसी की सुगबुगाहट मात्र से बाड़मेर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. मेवाराम के पार्टी में वापसी के संकेत मिलते ही बाड़मेर कांग्रेस के दिग्गज नेता इसके विरोध में उतर आए हैं और उन्होंने दिल्ली में डेरा जमा लिया है. इससे यहां कांग्रेस दो खेमों में बंटी हुई नजर आ रही है. मेवाराम बाड़मेर से लगातार तीन बार विधायक रह चुके हैं.
भारत-पाकिस्तान के बॉर्डर पर स्थित बाड़मेर जिले में किसी समय कांग्रेस में मेवाराम जैन बड़ा नाम रहा है. सूत्रों के मुताबिक जैन की वापसी के संकेत मिलने के बाद स्थानीय कांग्रेस के नेता इसके विरोध में लामबंद हो गए हैं. CWC सदस्य बाड़मेर के बायतु विधायक हरीश चौधरी और कांग्रेस जिला अध्यक्ष सहित सभी नेताओं ने दिल्ली में डेरा डाल दिया है. बाड़मेर-जैसलमेर-बालोतरा सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल भी दिल्ली पहुंच रहे हैं.
गरमा गई है थार की राजनीति
मेवाराम की वापसी पर आज कांग्रेस नेताओं की ओर से दिल्ली में कड़ा विरोध जताया जाएगा. यह विरोध कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अनुशासन समिति के समक्ष जताया जाएगा. बताया जा रहा है कि राजस्थान कांग्रेस के कई अन्य नेता भी दिल्ली पहुंचे रहे हैं. अब देखना यह है कि क्या पार्टी विरोध को दरकिनार कर मेवाराम जैन की कांग्रेस में वापसी करवाएगी या फिर जैन के विरोधियों की चलेगी. लेकिन इस एपिसोड ने थार की राजनीति को गरमा दिया है.
अश्लील वीडियो कांड ने बिगाड़ दिया था खेल
करीब 70 साल के मेवाराम जैन का बाड़मेर में काफी दबदबा रहा है. लेकिन बीते विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव के बीच एक कांड ऐसा हुआ कि उससे उनका राजनीतिक भविष्य अंधकारमय हो गया. जैन के एक महिला के साथ कुछ कथित अश्लील वीडियो वायरल हुए थे. उसके बाद थार की राजनीति में बवंडर मच गया. मामला पुलिस और कोर्ट तक भी पहुंचा. जैन से जुड़े इन कथित वीडियों से पार्टी की छवि को बड़ा धक्का लगा. हालात और समय की नजाकत को देखते कांग्रेस ने मेवाराम जैन से किनारा कर उनको पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था.
अमीन खान की वापसी के बाद इसकी सुगबुगाहट तेज हो गई थी
दरअसल मेवाराम जैन की कांग्रेस में वापसी के संकेतों की नींव कुछ माह पहले बाड़मेर जिले के ही पार्टी से निष्कासित दिग्गज नेता पूर्व शिव विधायक अमीन खान की वापसी के बाद रखी गई थी. अमीन खान को भी लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था. लेकिन कुछ माह पहले पार्टी के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के हस्तक्षेप से उनकी पार्टी में वापसी हो गई थी. उसके बाद मेवाराम जैन की वापसी की भी संभावना जताई जाने लगी थी. अब जब इस प्रक्रिया में तेजी आई तो उनके विरोधी भी पूरी तरह से सक्रिय हो गए.
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