पवन खेड़ा की राजनीतिक उड़ान: कर्नाटक से राज्यसभा तक
नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा की राजनीतिक 'तपस्या' आखिरकार रंग लाई है। कांग्रेस ने आगामी राज्य सभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है, जिसमें पार्टी ने पवन खेड़ा को कर्नाटक से अपना राज्य सभा प्रत्याशी बनाया है। उच्च सदन का टिकट मिलने के बाद पवन खेड़ा ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।
उम्मीदवारी मिलने के बाद क्या बोले पवन खेड़ा?
पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा कि कर्नाटक जैसे बेहद खूबसूरत राज्य से राज्य सभा के लिए नामित होना उनके लिए बहुत सम्मान और गर्व की बात है। उन्होंने इस फैसले के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, के.सी. वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी और जयराम रमेश का दिल से धन्यवाद किया। खेड़ा ने कहा कि नेतृत्व ने समय-समय पर जो उनका मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और समर्थन किया है, वे उसके आभारी हैं और पार्टी के इस भरोसे पर पूरी तरह खरा उतरने की कोशिश करेंगे।
'तपस्या अभी खत्म नहीं हुई है'
साल 2022 में जब राजस्थान से राज्य सभा चुनाव के दौरान पवन खेड़ा को टिकट नहीं मिला था, तब उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां करते हुए एक मशहूर पोस्ट लिखा था—"शायद मेरी तपस्या में कुछ कमी रह गई।" तब से अक्सर उनके राज्य सभा जाने की अटकलें लगती रहती थीं। अब टिकट मिलने के बाद जब लोग उनकी 'तपस्या' पूरी होने की बात कह रहे हैं, तो खेड़ा ने जवाब दिया कि उनकी यात्रा अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा, "मेरी तपस्या वास्तव में उस दिन पूरी होगी, जब राहुल गांधी 2029 में देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे।"
शीला दीक्षित के राजनीतिक सचिव के रूप में सफर
पवन खेड़ा का राजनीतिक इतिहास दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शीला दीक्षित के साथ गहराई से जुड़ा रहा है। साल 1998 में जब शीला दीक्षित दिल्ली की मुख्यमंत्री बनीं, तब पवन खेड़ा ने उनके पॉलिटिकल सेक्रेटरी (राजनीतिक सचिव) के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। उन्होंने साल 2013 तक लगातार उनके साथ काम किया। इस दौरान दिल्ली के विकास, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधारों से जुड़ी कई अहम नीतियों को तैयार करने में खेड़ा ने बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
मुखर अंदाज और पार्टी के प्रति वफादारी का मिला इनाम
वर्तमान में कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी का बेहद करीबी और भरोसेमंद माना जाता है। टीवी डिबेट से लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस तक, पवन खेड़ा बेहद आक्रामक अंदाज में केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को घेरते नजर आते हैं। वह हर मोर्चे पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखते आए हैं। माना जा रहा है कि उनकी इसी वफादारी, कड़ी मेहनत और मुखर शैली को देखते हुए कांग्रेस ने उन्हें इस बार राज्य सभा भेजने का बड़ा फैसला किया है।
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