अयोध्या: निवेदिता शिक्षा सदन में गूँजा 'विजय दिवस' का जयघोष, 'ऑपरेशन सिंदूर' के वीरों को किया नमन

अयोध्या। 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगाँठ के गौरवमयी अवसर पर बृहस्पतिवार को निवेदिता शिक्षा सदन में 'विजय दिवस' का भव्य आयोजन किया गया। देशभक्ति के रंगों में सराबोर इस समारोह की शुरुआत प्रधानाचार्य आनंद प्रभा सिंह द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई। इस दौरान एनसीसी (NCC) कैडेट्स और छात्राओं ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाकर तिरंगे को सलामी दी।

वीर जवानों के शौर्य की गाथा

छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य आनंद प्रभा सिंह ने भारतीय सेना के पराक्रम का उल्लेख कर उनमें जोश भर दिया। उन्होंने कहा कि आज का दिन हमारे सैन्य इतिहास में साहस और स्वाभिमान का प्रतीक है।

"ठीक एक वर्ष पूर्व, हमारे वीर जवानों ने सीमा पार जाकर दुश्मनों को उनके घर में ही धूल चटाई थी। यह उन आतंकियों को करारा जवाब था जिन्होंने पहलगाम में निहत्थे यात्रियों पर कायरतापूर्ण हमला किया था। भारतीय सेना ने अद्भुत साहस दिखाते हुए आतंकियों के अड्डों को ध्वस्त कर दिया।" — आनंद प्रभा सिंह, प्रधानाचार्य

धर्म और मर्यादा का युद्ध

प्रधानाचार्य ने भारतीय सैन्य परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि भारत सदैव धर्म और न्याय के मार्ग पर चलता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारी सेना केवल आत्मरक्षा और शांति स्थापना के लिए अस्त्र उठाती है। युद्ध के दौरान भी भारतीय सेना यह सुनिश्चित करती है कि आम नागरिकों को कोई नुकसान न पहुँचे, जो हमारे उच्च नैतिक मूल्यों को दर्शाता है।

उत्साह और कृतज्ञता

समारोह के अंत में वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और भारतीय सेना के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए उत्साहवर्धन नारे लगाए गए। विद्यालय की छात्राओं ने सैन्य अनुशासन और देशप्रेम की शपथ ली, जिससे पूरा परिसर 'भारत माता की जय' के नारों से गुंजायमान हो उठा।