मुर्शिदाबाद ट्रेन हादसा: जांच के बीच गेटमैन गिरफ्तार, पीड़ित परिवारों को राहत
मुर्शिदाबाद। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुए भीषण ट्रेन हादसे में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर अब 4 हो गया है। इस दर्दनाक हादसे के बाद रेलवे प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए गेटमैन को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि संबंधित सुपरवाइजर को पहले ही सस्पेंड (निलंबित) किया जा चुका है। रेलवे विभाग इस पूरी घटना की बेहद गंभीरता से जांच कर रहा है। इसी बीच, रेल मंत्रालय ने इस हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के आश्रितों को 10-10 लाख रुपये और घायल हुए लोगों के परिजनों को 2.5-2.5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (मुआवजा) देने का एलान किया है।
स्कूल वाहन के ट्रेन की चपेट में आने से हुआ हादसा
यह दर्दनाक हादसा मुर्शिदाबाद के बरहमपुर इलाके में 7 तारीख की सुबह उस वक्त हुआ, जब स्कूल जा रहे बच्चों से भरी एक कार अचानक चलती ट्रेन की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दो मासूम बच्चों समेत तीन लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए एक अन्य बच्चे की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
अजीमगंज-कटवा रेलखंड पर थमी ट्रेनों की रफ्तार
इस भीषण दुर्घटना के बाद दोपहर बाद तक इस रूट पर रेल यातायात पूरी तरह चरमरा गया। ट्रैक बाधित होने के कारण अजीमगंज से कटवा जाने वाली तमाम ट्रेन सेवाओं को अस्थाई रूप से रोक दिया गया है। कई ट्रेनों को कटवा स्टेशन पर ही खड़ा कर दिया गया है, जिसके चलते स्टेशन पर सैकड़ों यात्री घंटों से अपनी ट्रेनों का इंतजार करने को मजबूर हैं।
उच्च स्तरीय जांच दल मौके पर, जीरो टॉलरेंस की नीति
हादसे की सूचना मिलते ही एडीआरएम (ADRM) की अगुवाई में रेलवे का 10 सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच दल घटनास्थल पर पहुंच गया है। पूर्वी रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मामले पर स्पष्ट रूप से कहा कि सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक को लेकर रेलवे 'ज़ीरो टॉलरेंस' (कतई बर्दाश्त न करने) की नीति अपनाता है। इस पूरी लापरवाही की बारीकी से जांच की जाएगी। इसके अलावा, घायलों के त्वरित उपचार के लिए रेलवे की ओर से एक विशेष मेडिकल टीम भी मौके पर भेजी गई है।
सुरक्षा पर उठे सवाल, विधायक ने की जांच की मांग
इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करते हुए बरहामपुर के स्थानीय भाजपा विधायक सुब्रता मैत्रा ने कहा कि इतने सारे मासूम स्कूली छात्रों की मौत बेहद दर्दनाक और परेशान करने वाली है। उन्होंने मांग की है कि रेलवे को इसकी उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई और बच्चों की जान क्यों गई। वहीं, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी इस घटना को लेकर रेलवे की सुरक्षा प्रणाली और पुख्ता इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
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