बारिश से पहले तैयारी, नालों की सफाई में जुटा नगर निगम
इंदौर| में आमतौर पर वर्षाकाल के एक-डेढ़ महीने पहले शहर के नालों की सफाई की जाती है लेकिन इस बार गर्मी के मौसम में ही नगर निगम ने नालों की सफाई शुरू कर दी है। इसके लिए पोकलेन मशीनों को बड़े नालों में उतारा गया है।नालों से निकाली जा रही गाद को किनारों पर रखा जा रहा है, ताकि वह सूख सके। सूखने के बाद इसे ट्रेंचिंग ग्राउंड भेजा जाएगा। गाद निकालने से नालों का प्राकृतिक बहाव भी बेहतर हो गया है और बदबू की समस्या में भी कमी आई है।
इंदौर में 30 से अधिक छोटे-बड़े नाले हैं, जिन्हें नगर निगम हर साल बारिश शुरू होने से पहले साफ करता है। यदि नालों की समय पर सफाई नहीं हो पाती है तो बारिश का पानी आसपास की बस्तियों में भरने लगता है। फिलहाल शहर के बड़े नालों की सफाई का काम चल रहा है। इसके बाद छोटे नालों की सफाई की जाएगी। गाद के साथ नालों में जमा कचरा भी बड़ी मात्रा में बाहर निकाला जा रहा है।
नालों के किनारों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण
इंदौर में नालों के किनारे पर अतिक्रमण सबसे बड़ी समस्या बन गया है। आजाद नगर, कबूतरखाना, तोड़ा क्षेत्र, जूनी इंदौर, कुलकर्णी भट्टा और भागीरथपुरा जैसे इलाकों में नालों के आसपास अतिक्रमण अधिक है। इसके कारण सफाई कार्य में भी कई बार परेशानी आती है। अधिकारियों का कहना है कि इस बार नालों की सफाई वर्षाकाल से करीब तीन महीने पहले ही शुरू कर दी गई है, ताकि निकली हुई गाद सूख सके और उसका सही तरीके से निपटान किया जा सके। नाला सफाई के लिए 20 से अधिक पोकलेन और 25 जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं।
अफीम उत्पादकों के लिए खुशखबरी! 1 अप्रैल से शुरू होगी तौल प्रक्रिया, सरकार ने बनाई रणनीति
राज्य में टाइप-1 डायबिटीज उपचार और सिकल सेल एनीमिया प्रबंधन को मिलेगी मजबूती
नक्सलवाद पर संसद में गरजे Amit Shah, कहा– ‘गोली का जवाब गोली से
मेधावी छात्रों को मिला बड़ा सम्मान, 135 विद्यार्थियों को मिला गौरव
राजस्थान बार काउंसिल चुनाव के संबंध में उच्च स्तरीय निर्वाचन समिति की बैठक आयोजित
प्रदेश सरकार राजस्थान को ‘हेल्थ डेस्टिनेशन’ बनाने के लिए संकल्पबद्ध: पटेल