प्रदेश में 83 हजार से अधिक बच्चों को मिला नि:शुल्क प्रवेश
भोपाल : भोपाल के राज्य शिक्षा केन्द्र में गुरूवार को शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आयोजित की गई ऑनलाईन लॉटरी में 83 हजार 483 बच्चों को उनकी पसंद के निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश प्राप्त हुआ है। इनमें से 72 हजार 812 बच्चे ऐसे हैं जिन्हें उनके द्वारा चयनित प्रथम वरीयता वाले स्कूलों में प्रवेश मिला है।
संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र हरजिंदर सिंह ने आरटीई के तहत निजी विद्यालयों की प्रथम प्रवेशित कक्षा में वंचित समूह और कमजोर वर्ग के बच्चों के निःशुल्क प्रवेश के लिये ऑनलाइन लॉटरी का बटन क्लिक किया। इस प्रक्रिया का सीधा प्रसारण राज्य शिक्षा केन्द्र के यूट्यूब चैनल पर किया गया। संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र हरजिंदर सिंह ने कहा कि देश भर में आरटीई के तहत ऑनलाइन लॉटरी सिस्टम अपनाने वाला अग्रणी राज्य मध्यप्रदेश है। इस पारदर्शी व्यवस्था से अभिभावकों को उनके क्षेत्र के स्कूल और उनमें उपलब्ध सीटों की जानकारी के साथ ही ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से उनके बच्चों को स्कूल में सीट आवंटित हो जाएगी। संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र ने लॉटरी में चयनित बच्चों को उनकी पंसद का स्कूल आवंटित होने पर बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। संचालक ने पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था निर्मित करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग और मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रानिक्स डेव्हलेपमेंट कॉरपोरेशन (MPSEDC) टीम की प्रशंसा भी की।
संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र ने बताया कि आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश के लिए पारदर्शी और तकनीक आधारित व्यवस्था अपनाई गई है। इस वर्ष आरटीई के तहत लॉटरी के लिए दस्तावेज सत्यापन के उपरांत एक लाख 66 हज़ार 751 बच्चे पात्र हुए थे। जिनमें से 83 हजार 483 बच्चों को उनके द्वारा चयनित स्कूलों का आवंटन किया गया है। इनमें से 43 हजार 363 बालक एवं 40 हजार 120 बालिकाएं हैं। जिन्हे आज इस ऑनलाइन लॉटरी मे शामिल करते हुये रेंड़म पद्वति से स्कूल का आवंटन किया गया है। जिन बच्चों को स्कूल का आवंटन हो रहा है, उन्हें उनके पंजीकृत मोबाईल नंबर पर एसएमएस माध्यम से भी सूचना दी जा रही है। बच्चे उनके आवंटित स्कूलों में 2 से 10 जून 2025 तक जाकर प्रवेश ले सकेंगे। इन बच्चों की फीस राज्य सरकार द्वारा नियमानुसार सीधे स्कूल के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी। ऑनलाईन लॉटरी में विभिन्न प्रायवेट स्कूलों की नर्सरी कक्षा में 54 हजार 038, केजी-1 में 22 हज़ार 799 और कक्षा पहली में 6 हज़ार 646 बच्चों को नि:शुल्क प्रवेश के लिये सीटों का आवंटन हुआ है।
ऑनलाइन लॉटरी में इनमें से 72 हजार 812 बच्चों को उनकी प्रथम वरीयता (फर्स्ट चॉइस) के स्कूलों का, 5 हजार 646 को द्वितीय वरीयता के स्कूलों का, 2 हजार 665 को तृतीय वरीयता के स्कूलों का, 924 को चतुर्थ वरीयता के स्कूलों का, 555 को पांचवीं वरीयता के स्कूलों का, 298 को छटवीं वरीयता के स्कूलों का, 235 को सातवीं वरीयता के स्कूलों का, 157 को आठवीं वरीयता के स्कूलों का, 90 को नवीं वरीयता के स्कूलों का तथा 101 को उनकी दसवीं वरीयता के स्कूलों का आवंटन हुआ है।
यूट्यूब लाइव सत्र के दौरान संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र हरजिंदर सिंह ने निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश हेतु पात्र विभिन्न श्रेणियों की बच्चों की जानकारी देते हुए बताया कि सबसे अधिक संख्या में विभिन्न श्रेणियों के गरीबी रेखा से नीचे वाले परिवारों के लगभग एक लाख 12 हजार से अधिक बच्चों के आवेदन लॉटरी प्रक्रिया के लिये पात्र हुए हैं।
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