मनु भाकर शूटिंग में शानदार प्रदर्शन और शिक्षा का संतुलन
मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक 2024 में 10 मीटर एयर पिस्टल प्रतियोगिता में ब्रांज मेडल यानी कांस्य पदक जीता और इसी के साथ इस आयोजन में भारत के पदकों का खाता खुला। तीन साल पहले टोक्यो में अपने ओलंपिक डेब्यू में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद आंसू बहाने वाली भाकर ने अब अपनी पहले से ही शानदार उपलब्धियों की सूची में दो ओलंपिक कांस्य पदक और जोड़ लिया है। उन्होंने सरबजोत सिंह के साथ 10 मीटर मिक्स्ड टीम में भी कांस्य पदक हासिल किया है। 16 साल की उम्र में मनु भाकर ने कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। वर्तमान में वह पंजाब यूनिवर्सिटी से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में डिग्री कर रही हैं। यहां जानिए ओलंपिक मेडल विजेता भारतीय खिलाड़ी मनु भाकर ने कहां से और कितनी पढ़ाई की है।
ओलंपिक मेडल विजेता मनु भाकर कौन हैं?
मनु भाकर, एक मशहूर भारतीय खेल निशानेबाज खिलाड़ी हैं, जिन्होंने पिस्टल शूटिंग में अपने असाधारण कौशल से अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। हरियाणा के झज्जर की रहने वाली, मनु का जन्म 18 फरवरी, 2002 को हुआ था, और वह शूटिंग में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे होनहार युवा एथलीटों में से एक बन गई हैं।
14 साल की उम्र में शुरु की निशानेबाजी
चैंपियन मनु हमेशा से ही टेनिस, स्केटिंग और बॉक्सिंग जैसे खेल खेलना पसंद करती थीं। 14 साल की उम्र में उन्होंने निशानेबाजी में हाथ आजमाने का फैसला किया।
इस समय भी जारी है पढ़ाई
मनु भाकर ने अपनी स्कूली शिक्षा यूनिवर्सल पब्लिक सेकेंडरी स्कूल से पूरी की। भाकर ने 2021 में दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कॉलेज से राजनीति विज्ञान में ऑनर्स डिग्री हासिल की। मनु भाकर इस समय पंजाब यूनिवर्सिटी से लोक प्रशासन में डिग्री हासिल कर रही हैं।
जनगणना से ही समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति होती है तय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सामूहिक विवाह सबसे उत्तम, खर्चीली शादियों से बचें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त की मेहनत को राज्य ने किया पहचान
सेवा, समर्पण और संकल्प के साथ करें कार्य : राज्यपाल पटेल
भारत भवन सिर्फ एक भवन नहीं, जीवन की रचना है, अतीत हो रहा है पुन: जीवंत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
एयर इंडिया पर नियामक की बड़ी कार्रवाई, गड़बड़ी उजागर होने के बाद 1 करोड़ दंड
एमपी विधानसभा के बजट सत्र को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड मे, निजी सुरक्षा कर्मियों पर रोक, नए नियम लागू
9 साल की उम्र में आत्मदाह की चेतावनी, सिस्टम पर सवाल
असम में ‘मिया’ मुसलमानों को लेकर क्यों तेज हुई सियासी मुहिम? विवादित वीडियो से बढ़ा राजनीतिक टकराव