गृह निर्माण मंडल कार्यालय के प्लेसमेंट कर्मचारियों का कलम बंद आंदोलन
बिलासपुर । भाजपा की नई सरकार बनने के बाद जहां उनके नुमाइंदे और जनप्रतिनिधि वर्तमान सरकार का गुणगान करते नहीं थक रहे हैं और विकास और खुशहाली की बात कह रहे हैं वही सबको आवास का सपना पूरा करने वाले विभाग छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के प्लेसमेंट कर्मचारियों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला है जिससे उन्हें घर चलाना और परिवार चलाना बेहद मुश्किल हो रहा है।
वेतन नहीं पाए कर्मचारियों का कहना है की वे सभी संबंधित अधिकारियों के पास अपनी बात रख चुके हैं और निवेदन कर चुके हैं लेकिन कोई भी हल लंबित वेतन के मामले में अभी तक नहीं निकल पाया है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने बिलासपुर कलेक्टर का दरवाजा भी खटखटाया है और उन्हें सम्बंधित पत्र भी सौंपे है लेकिन अभी तक उन्हें कोई राहत नहीं मिली है ।छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल बिलासपुर सर्कल के अंतर्गत रायगढ़, सक्ति, कोरबा और बिलासपुर के कर्मचारी आते हैं जो की आज कलम बंद हड़ताल के मूड में नजर आ रहे हैं आज सुबह से ही,प्रभावित कर्मचारी बिलासपुर सर्किल ऑफिस में धरना देकर बैठे हुए हैं और जब तक वेतन के बारे में बात नहीं होती है तब तक आंदोलन जारी रहने की बात कह रहे हैं ।
इस मामले में जब उच्च अधिकारियों से बात की तो उनका कहना है की विधानसभा चुनाव आचार संहिता और मंत्रिमंडल गठन के कारण वेतन में देरी हो रही है लेकिन प्रक्रिया चालू कर दी गई है और जल्दी ही इसका हल भी निकाल लिया जाएगा, आंदोलन रत कर्मचारियों से भी बात की जा रही है और उनको समझाया जा रहा है कि जल्द से जल्द उनका वेतन मिल जाएगा ।
इस मामले में रायपुर स्थित मुख्य कार्यालय से जब बात की गई उनका कहना है ईस दिशा में कागजी कार्रवाई शुरू हो चुकी है और जल्दी पीडि़त कर्मचारियों को वेतन मिल जाएगा जिसके लिए उन्हें थोड़ा संयम से काम लेना पड़ेगा बहरहाल तीन महीने बिना पेमेंट के काम करना और घर चलाना आसान काम नहीं है वहीं अब देखना होगा प्लेसमेंट कर्मचारियों के इस आंदोलन के बाद अधिकारियों के द्वारा की जा रही कागजी कार्रवाई में तेजी आ भी पाती है या नहीं । वहीं प्रभावित कर्मचारियों का कहना है कि इस दिशा में उन्हें ठोस आश्वासन चाहिए तभी वह अपने कदम पीछे करेंगे वरना और भी कर्मचारी संगठन उन्हें साथ देने की बात कह रहे हैं।करोडों का धान बोनस,महतारी वंदन देने वाली सरकार को इस तरफ भी ध्यान देना चाहिए।
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