ईरान का दावा: होर्मुज बनेगा क्षेत्रीय स्थिरता का आधार
ईरान का रणनीतिक दांव: होर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी क्षेत्र के लिए घोषित किए 'नए नियम', विदेशी शक्तियों को दी चेतावनी
तेहरान: मध्य पूर्व (West Asia) में जारी भारी तनाव के बीच ईरान की इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अपने दक्षिणी तट से सटे समुद्री क्षेत्रों के लिए नए 'परिचालन नियम' (Rules of Engagement) जारी किए हैं। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इन कदमों का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और फारस की खाड़ी जैसे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों पर अपना प्रभुत्व और कड़ा नियंत्रण स्थापित करना है।
IRGC नौसेना की सख्त निगरानी
आईआरजीसी की नौसेना कमान ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि वह ईरान की लगभग 2,000 किलोमीटर लंबी तटरेखा और उससे सटे जलक्षेत्र की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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प्रभुत्व का विस्तार: ईरान का लक्ष्य इन जल क्षेत्रों को अपनी शक्ति के स्रोत के रूप में स्थापित करना है।
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रणनीतिक नियंत्रण: होर्मुज जलडमरूमध्य, जहाँ से दुनिया का एक-तिहाई समुद्री तेल गुजरता है, वहाँ ईरान अपनी निगरानी और नियंत्रण को अभूतपूर्व स्तर पर ले जाने की तैयारी में है।
सर्वोच्च नेता का कड़ा संदेश: "विदेशी ताकतों के लिए कोई जगह नहीं"
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने इस क्षेत्र में मौजूद विदेशी शक्तियों, विशेषकर अमेरिका को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने निर्देश जारी करते हुए कहा कि फारस की खाड़ी में उन विदेशी शक्तियों के लिए कोई स्थान नहीं है जो क्षेत्र की शांति को भंग करना चाहती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय सुरक्षा का जिम्मा केवल यहाँ के देशों का होना चाहिए।
अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बताया 'कागजी शेर'
वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते टकराव के बीच खामेनेई ने पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर तीखा हमला बोला है:
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रक्षा क्षमता पर सवाल: उन्होंने अमेरिकी ठिकानों को 'कागजी शेर' करार देते हुए उनकी सुरक्षा क्षमताओं का मजाक उड़ाया।
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क्षेत्रीय सहयोगियों को चेतावनी: ईरान ने उन क्षेत्रीय देशों और सहयोगियों पर भी निशाना साधा है जो इस संघर्ष में अमेरिका और इजरायल का समर्थन कर रहे हैं।
बढ़ता तनाव और नाकाबंदी की स्थिति
13 अप्रैल को कूटनीतिक वार्ताओं की विफलता के बाद से अमेरिका द्वारा ईरान की घेराबंदी की कोशिशें तेज हुई हैं। इसके जवाब में ईरान ने समुद्री मार्ग पर अपनी पकड़ मजबूत कर वैश्विक व्यापार और सुरक्षा समीकरणों को चुनौती दे दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के ये 'नए नियम' आने वाले दिनों में खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और तनाव को और अधिक बढ़ा सकते हैं।
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क्षेत्र: होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी।
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दायरा: 2,000 किलोमीटर लंबी तटरेखा पर IRGC का कड़ा पहरा।
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उद्देश्य: विदेशी हस्तक्षेप को समाप्त करना और क्षेत्रीय जल क्षेत्र पर पूर्ण नियंत्रण।
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