आबकारी मामला: पक्षपात के आरोप निराधार, हाई कोर्ट ने केजरीवाल की मांग ठुकराई
दिल्ली : दिल्ली हाई कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने की अरविंद केजरीवाल की याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने पक्षपात के आरोपों को 'निराधार' करार देते हुए कहा कि केजरीवाल की टीम ऐसे आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश करने में विफल रही। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मात्र संदेह या व्यक्तिगत आशंकाओं के आधार पर किसी जज को खुद को सुनवाई से अलग करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
न्यायमूर्ति शर्मा ने 'हितों के टकराव' (Conflict of Interest) के दावे पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के सदस्यों के स्वतंत्र पेशेवर करियर का इस मामले से कोई सीधा संबंध नहीं है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि अदालत कक्ष धारणाओं का कोई 'रंगमंच' नहीं है और न्यायिक प्रक्रिया को बिना सबूत के लगाए गए आरोपों से प्रभावित नहीं किया जा सकता।
गुवाहाटी में मानसून का कहर, जलभराव से लोगों की बढ़ी चिंता
EPFO ने शुरू किया ब्याज का भुगतान, आपके खाते में आया पैसा या नहीं ऐसे करें पता
क्या तेल की जंग ने बढ़ाई ईरान-सऊदी दूरी? सामने आई नई थ्योरी
NEET लीक केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा संदेश- छात्रों के हित सर्वोपरि
भारत-जिम्बाब्वे दूसरा टी20 देखने से पहले जान लें मैच की टाइमिंग और बाकी जरूरी जानकारी
अतिक्रमण हटाने पर हाई कोर्ट सख्त, सरकार से पूछा- इच्छाशक्ति की कमी क्यों?
डॉलर की कमी से परेशान पाकिस्तान को चीन ने दी नई संजीवनी
'मोबाइल बन रहा माता-पिता का विकल्प', सुप्रीम कोर्ट ने बताई समाज की बड़ी चुनौती
जिस मगरमच्छ से दुनिया डरती थी, गांव वालों की आंखों का तारा था गंगाराम
छात्रों का फूटा गुस्सा, शिक्षकों की बर्खास्तगी और हॉस्टल की बदहाल व्यवस्था पर किया प्रदर्शन