गाजियाबाद लोगों के सिर चढ़कर बोली देशी-विदेशी शराब
गाजियाबाद । वित्तीय वर्ष 2022-23 में 12,71 करोड़ रुपये के मुकाबले इस वित्तीय वर्ष में अभी तक गाजियाबाद आबकारी विभाग को 14.82 करोड़ रुपये का राजस्व जमा किया, जो गत वित्तीय वर्ष के मुकाबले दो करोड़ रुपये से अधिक रहा। शराब के शौकीन की बात करें तो विदेशी के मुकाबले इस वर्ष देशी पीने वालों ने बाजी अपने नाम की। विदेशी शराब की बिक्री दूसरे और बीयर की बिक्री गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष पिछड़ गए। शराब के शौकीनों ने उत्तर प्रदेश के राजस्व में योगदान देने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी। मौजूदा वित्तीय वर्ष में शराब की बिक्री और राजस्व प्राप्ति के मामले में गाजियाबाद जिला इस बार भी प्रदेशभर में दूसरे नंबर पर रहा। इसमें सबसे बड़ा योगदान इंदिरापुरम, कौशांबी, विजयनगर, खोड़ा, लोनी, वैशाली, राजनगर और कविनगर के लोगों का रहा, जहां शराब के ठेकों पर सर्वाधिक शराब की बिक्री दर्ज की गई। होली पर्व पर ही यहां एक दिन में नौ करोड़ की देशी-विदेशी शराब के साथ बीयर की बिक्री हुई। हां, आबकारी विभाग से ली गई जानकारी में देशी-विदेशी के मुकाबले इस बार बीयर के शौकीनों की संख्या घटी है। वहीं देशी शराब की बिक्री में वृद्धि दर्ज की गई।
एनसीपी विलय की चर्चाओं पर बोलीं सुप्रिया सुले- अधूरे सपने को पूरा करना हमारी जिम्मेदारी
अंबेडकर विवाद पर हाईकोर्ट की टिप्पणी, आपराधिक अवमानना दायर करने एजी ऑफिस की अनुमति आवश्यक
बाथरुम में फिसले या सैनिकों ने पीटा?
लखनऊ, अयोध्या और काशी की 19 कचहरी में बम धमकी, सुरक्षा कारणों से परिसर खाली कराया गया
“हम जनप्रतिनिधि हैं, हमें जनता के बीच जाना......किसानों को लेकर भ्रम पैदा कर रहा विपक्ष
बीजेपी के तीन मंत्रियों को दे देना चाहिए इस्तीफा, शहडोल में जीतू पटवारी के तीखे बोल
उत्तर कोरिया के तानाशाह ने जिस बेटी को अपना उत्तराधिकारी चुना, वह चीन दौरे पर थी पिता के साथ
रात के अंधेरे में क्या कर रहे थे ये 4 युवक? बैजनाथपारा में पुलिस की पैनी नजर, संदिग्धों को सीधे कोर्ट में किया पेश
MCB में धान खरीदी का सफल मॉडल, 34% से अधिक उठाव पूरा
मप्र : रातोंरात 11 आईएएस के तबादले, मनीष सिंह बने जनसंपर्क आयुक्त, अशोक वर्णवाल को स्वास्थ्य का जिम्मा