'अहिल्या वाहिनी' महिला बाइक रैली को सीएम मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी
भोपाल: मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को भोपाल स्थित शौर्य स्मारक से एक नई पहल की शुरुआत की. उन्होंने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और दीप प्रज्ज्वलन के साथ जनकल्याण पर्व को एक नई ऊर्जा प्रदान की. मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर का व्यक्तित्व समर्पण, सुशासन और समाजसेवा का अनुपम उदाहरण है. उनका जीवन हमें प्रेरणा देता है कि हम समाज के हर वर्ग विशेषकर महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाएं.
'अहिल्या वाहिनी' महिला बाइक रैली को मुख्यमंत्री ने किया रवाना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अहिल्या वाहिनी महिला बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह रैली नारी शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक है, जिसमें 40 महिला बाइकर पुलिस विभाग से और शेष सिविलियन महिला बाइकर शामिल रहीं. मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें हेलमेट भी भेंट किए और सुरक्षा के महत्व पर बल दिया.
'मां तुझे प्रणाम' योजना के तहत 90 युवतियां रवाना
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 'माँ तुझे प्रणाम' योजना के अंतर्गत ग्वालियर-चंबल संभाग की 90 युवतियों और 2 खेल अकादमियों की छात्राओं को राजधानी भोपाल के आसपास के विशेष दर्शनीय और प्रेरणास्पद स्थलों के भ्रमण के लिए रवाना किया. इस योजना का उद्देश्य युवा महिलाओं में राष्ट्रभक्ति, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करना है.
राशिफल 19 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
विश्व धरोहर दिवस पर रायपुर में सजी विरासत की अनोखी झलक, संरक्षण पर विशेषज्ञों का मंथन
बंदूक से विकास की ओर: सुकमा के तुंगल इको-पर्यटन केंद्र की प्रेरक कहानी
उमरिया जिले की पूजा सिंह ने रची आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी
हमने सीवर सफाई के काम को चुनौती के रुप में स्वीकार किया है और हम बदलाव लाकर दिखाएंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
दिशा दर्शन भ्रमण आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर मिले दो प्रतिष्ठित पुरस्कार
राज्यमंत्री गौर का सख्त रुख: लापरवाही पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश
महतारी वंदन योजना से संवर रही पहाड़ी कोरवा परिवारों की तकदीर