ईंधन खरीद व्यवस्था में बदलाव, सरकार ने जारी किए नए दिशा-निर्देश
जबलपुर: केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की खरीद-बिक्री को लेकर एक सख्त और नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत अब औद्योगिक (इंडस्ट्रियल) और व्यावसायिक (कमर्शियल) खरीदारों के आम पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
सरकार ने यह पाबंदी शुरुआती तौर पर 90 दिनों के लिए लागू की है। इस समय सीमा के दौरान फैक्ट्रियों, मॉल, अस्पतालों या टेलीकॉम टावर जैसे बड़े और संस्थागत उपभोक्ताओं को रिटेल आउटलेट्स (पेट्रोल पंपों) से तेल नहीं दिया जाएगा। इन सभी को अपनी जरूरत का ईंधन केवल अधिकृत बल्क सेल पॉइंट्स (थोक बिक्री केंद्रों) से ही बाजार मूल्य पर उठाना होगा।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
जबलपुर पेट्रोल-डीजल एसोसिएशन के पदाधिकारी अली असगर ने बताया कि मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में चल रहे तनाव और संकट की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अचानक आसमान छूने लगी हैं। आम जनता को इस भारी महंगाई से सुरक्षित रखने के लिए सरकारी तेल कंपनियों ने आम पेट्रोल पंपों पर दाम नहीं बढ़ाए, लेकिन थोक (बल्क) ग्राहकों के लिए दरों में इजाफा कर दिया।
नतीजतन, बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां, टेलीकॉम टावर संचालक और उद्योग घाटे से बचने के लिए आम पेट्रोल पंपों से ही भारी मात्रा में डीजल-पेट्रोल खरीदने लगे। इससे आम वाहन चालकों के लिए तेल की किल्लत होने लगी और आवश्यक सेवाओं पर भी असर पड़ने लगा। इसी विसंगति और कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार ने यह कड़ा कदम उठाया है।
सरकार द्वारा जारी किए गए नए नियम और पाबंदियाँ:
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थोक डीलरों से ही खरीदना होगा तेल: सभी इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल उपभोक्ताओं को अब सिर्फ और सिर्फ थोक डीलरों से ही तेल मिलेगा। वे आम जनता वाले पेट्रोल पंपों पर नहीं जा सकते।
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बिक्री के लिए कड़े मापदंड: पेट्रोल पंपों पर डीजल की बिक्री अब केवल वाहनों की मुख्य ईंधन टंकी (फ्यूल टैंक) में होगी, या फिर 'पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन' (PESO) द्वारा प्रमाणित विशेष पात्रों/कंटेनरों में ही की जा सकेगी। पंप से खरीदे गए इस तेल को दोबारा मुनाफे के लिए बाजार में बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। ऐसा करने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत सख्त कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई होगी।
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खरीद की दैनिक सीमा तय: बड़े और संदिग्ध खरीदारों पर लगाम कसने के लिए प्रतिदिन की लिमिट निर्धारित की गई है। नए नियमों के अनुसार, कोई भी संदिग्ध ग्राहक या वाहन एक पेट्रोल पंप से एक दिन में अधिकतम 200 लीटर ही डीजल खरीद पाएगा।
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अधिकारियों को छापेमारी के अधिकार: इन कड़े नियमों को जमीन पर लागू कराने के लिए सरकार द्वारा अधिकृत अधिकारियों, डीएसपी (DSP) या उससे ऊपर के पुलिस अधिकारियों और तेल कंपनियों के सेल्स ऑफिसर रैंक के अधिकारियों को पेट्रोल पंपों के औचक निरीक्षण, तलाशी और गड़बड़ी मिलने पर ईंधन व सामान जब्त करने का पूरा पावर दिया गया है।
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