प्रत्याशियों की संपत्ति ने खींचा ध्यान, करोड़ों की दौलत का खुलासा
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: दूसरे चरण के रण में उम्मीदवारों का पूरा ब्योरा, जानें किसके पास कितनी संपत्ति और किन पर हैं केस
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए बुधवार, 29 अप्रैल को मतदान होना है। पहले चरण में हुए रिकॉर्डतोड़ 93.19% मतदान के बाद अब सबकी नजरें दूसरे चरण की 142 सीटों पर टिकी हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की हालिया रिपोर्ट ने चुनावी मैदान में उतरे 1445 उम्मीदवारों के आपराधिक, वित्तीय और शैक्षिक रिकॉर्ड का विश्लेषण किया है, जो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने लाता है।
आपराधिक रिकॉर्ड: 23% उम्मीदवारों पर दर्ज हैं केस
दूसरे चरण के विश्लेषण किए गए कुल उम्मीदवारों में से 338 (23%) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले होने की बात स्वीकार की है।
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गंभीर अपराध: 295 उम्मीदवारों पर हत्या, हत्या के प्रयास और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे संगीन मामले दर्ज हैं।
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महिलाओं के विरुद्ध अपराध: 94 प्रत्याशियों पर महिलाओं के खिलाफ अपराध के केस हैं, जिनमें से दो पर दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप हैं।
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पार्टीवार स्थिति: भाजपा के 65% दागी उम्मीदवारों पर गंभीर मामले हैं, जबकि टीएमसी के 30%, माकपा के 42% और कांग्रेस के 21% दागी उम्मीदवारों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं।
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रेड अलर्ट सीटें: 142 निर्वाचन क्षेत्रों में से 63 सीटें 'रेड अलर्ट' श्रेणी में हैं, जहाँ तीन या उससे अधिक उम्मीदवारों का आपराधिक इतिहास है।
वित्तीय स्थिति: हर पांचवां उम्मीदवार करोड़पति
बंगाल के इस रण में धनबल का भी पूरा जोर दिख रहा है। 1445 में से 321 (22%) उम्मीदवार करोड़पति हैं।
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औसत संपत्ति: चुनावी मैदान में उतरे उम्मीदवारों की औसत संपत्ति करीब 1.21 करोड़ रुपये है।
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पार्टीवार औसत: तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति सबसे अधिक 5.05 करोड़ रुपये है। इसके बाद भाजपा (3.28 करोड़), माकपा (1.22 करोड़) और कांग्रेस (1.04 करोड़) का स्थान है।
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अमीर बनाम गरीब: सबसे अमीर उम्मीदवारों में शीर्ष पर भाजपा और टीएमसी के प्रत्याशी हैं। वहीं, चार उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति 'शून्य' घोषित की है।
शिक्षा और अनुभव: ग्रेजुएट उम्मीदवारों का बोलबाला
शिक्षा के मोर्चे पर इस बार प्रत्याशियों का प्रोफाइल काफी मजबूत नजर आ रहा है:
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उच्च शिक्षित: कुल 216 उम्मीदवार पोस्ट ग्रेजुएट हैं, जबकि 15 उम्मीदवारों के पास डॉक्टरेट (PhD) की उपाधि है।
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स्नातक: सबसे अधिक संख्या ग्रेजुएट और प्रोफेशनल ग्रेजुएट उम्मीदवारों की है।
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असाक्षर: पूरी सूची में केवल 16 उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्होंने खुद को असाक्षर बताया है।
उम्र और महिला भागीदारी
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आयु वर्ग: सबसे अधिक 54% उम्मीदवार 41 से 60 वर्ष की आयु के हैं। युवाओं (25-40 वर्ष) की भागीदारी 28% है, जबकि 80 वर्ष से अधिक के केवल दो प्रत्याशी मैदान में हैं।
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महिला प्रतिनिधित्व: राजनीति में महिलाओं की भागीदारी अब भी एक चुनौती बनी हुई है। इस चरण में मात्र 15% (218) महिला उम्मीदवार ही अपनी किस्मत आजमा रही हैं, जबकि पुरुष उम्मीदवारों की संख्या 1227 है।
पश्चिम बंगाल के इस दूसरे चरण का परिणाम 4 मई को घोषित होने वाले नतीजों में निर्णायक भूमिका निभाएगा। क्या मतदाता दागी और धनवान उम्मीदवारों को चुनते हैं या शिक्षा और विकास को प्राथमिकता देते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा।
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