बिहार कैबिनेट की बैठक में बजट सत्र को रद्द करने का निर्णय हुआ
पटना। बिहार में नई एनडीए सरकार ने सोमवार को अपनी पहली कैबिनेट बैठक की, इसमें 5 फरवरी को होने वाले बजट सत्र को रद्द करने का निर्णय हुआ। मुख्यमंत्री नीतीश ने सत्र को रद्द करने की अनुमति दी। बैठक में कुल चार एजेंडों पर मुहर लगी। सूत्रों के मुताबिक इस हफ्ते कैबिनेट विस्तार होने की संभावना है। सूत्रों ने कहा कि गृह मंत्रालय नीतीश कुमार के पास ही रहने की उम्मीद है, और कैबिनेट गठन और विभागों का वितरण बिहार में पिछली एनडीए सरकार में 2020 की तरह ही होगा। बिहार विधानमंडल का बजट सत्र 5 से शुरू होकर 29 फरवरी तक चलने वाली थी।
बैठक में नीतीश के अलावा उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा सहित अन्य मंत्री शामिल हुए। इंडिया गुट को बड़ा झटका देकर नीतीश कुमार ने बिहार में महागठबंधन गठबंधन छोड़कर एनडीए के साथ फिर से संबंध बना लिए। उन्होंने पहले बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया और फिर बाद में दिन में रिकॉर्ड नौवीं बार जनता दल (यूनाइटेड)-भाजपा गठबंधन के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
जनगणना से ही समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति होती है तय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सामूहिक विवाह सबसे उत्तम, खर्चीली शादियों से बचें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त की मेहनत को राज्य ने किया पहचान
सेवा, समर्पण और संकल्प के साथ करें कार्य : राज्यपाल पटेल
भारत भवन सिर्फ एक भवन नहीं, जीवन की रचना है, अतीत हो रहा है पुन: जीवंत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
एयर इंडिया पर नियामक की बड़ी कार्रवाई, गड़बड़ी उजागर होने के बाद 1 करोड़ दंड
एमपी विधानसभा के बजट सत्र को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड मे, निजी सुरक्षा कर्मियों पर रोक, नए नियम लागू
9 साल की उम्र में आत्मदाह की चेतावनी, सिस्टम पर सवाल
असम में ‘मिया’ मुसलमानों को लेकर क्यों तेज हुई सियासी मुहिम? विवादित वीडियो से बढ़ा राजनीतिक टकराव