नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में वन्यजीव प्रेमियों के लिए बड़ी खबर
जयपुर । राजधानी के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में वन्यजीव प्रेमियों के लिए बड़ी खबर है यहां 17 साल बाद पार्क में भेड़ियों के जीनपूल में बदलाव की तैयारी है नए भेड़िए लाए जा रहे है मैसूर के चामरेंद्र जूलोजिकल पार्क से एक नर और एक मादा भेड़िया नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क लाया जाएगा जयपुर से भी एक नर और एक मादा भेड़िया मैसूर चिड़ियाघर भेजे जाएंगे इससे दोनों जगह भेड़ियों के जीनपूल में विविधता लाई जा सकेगी. इस वन्यजीव एक्सचेंज से नाहरगढ़ पार्क को नई पहचान मिलेगी।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इससे पहले साल 2008-09 में गुजरात के चिड़ियाघर से मादा भेड़िया नाहरगढ़ लाए थे इससे भेड़ियों की संख्या में इजाफा हुआ और जीनपूल में बदलाव आया अब करीब 17 साल बाद फिर वन्यजीव एक्सचेंज के तहत भेड़िए लाए जा रहे हैं. इसके लिए वन विभाग की टीम वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अरविंद माथुर के नेतृत्व में मैसूर रवाना हुई इस वन्यजीव एक्सचेंज के लिए दिल्ली स्थित सेंट्रल जू ऑफ अथॉरिटी (सीजेडए) को प्रस्ताव भेजा था. वहां से अनुमति मिलने के बाद जयपुर टीम भेड़िये लेने रवाना हुई. इस एक्सचेंज से भेड़ियों की नस्लों में विविधता आएगी. उनकी प्रजाति मजबूत होगी. वे अधिक स्वस्थ रहेंगे। साल 2012 में वन क्षेत्र से एक घायल नर भेड़िये को रेस्क्यू कर लाया गया था. उसके स्वस्थ होने के बाद सीजेडए से अनुमति मिलने पर उसे जू में पर्यटकों के लिए डिस्प्ले किया था. नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में भेड़ियों की संख्या (नर और मादा मिलाकर) लगभग 10 बताई जा रही है।
आज का राशिफल (1 अप्रैल 2026): जानिए करियर, प्यार और सेहत का हाल
प्रदेश की लाइफलाइन हुई सशक्त: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 370 नई एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी
बैंक ने तय किया 686 करोड़ का मुआवजा, एपिस्टीन केस की पीड़ितों के लिए राहत
ट्रंप ने दिया शांति का संकेत, होर्मुज पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं होने पर भी युद्ध स्थगित
जहां चुनावी जीत में शामिल है जादू, भारत का अनोखा शहर
2047 के विकसित भारत के लिए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने युवा विधायकों के दिलवाए 5 संकल्प
पीएम आवास निर्माण में देश में अव्वल होने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जताया हर्ष
उद्योग मंत्री देवांगन ने तिलक नगर में बाउण्ड्रीवाल निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन
आसमान में मंडराता खतरा: मिडिल-ईस्ट संघर्ष का भारत पर असर