भीलवाडा, 02 अप्रेल। राज्य में मलेरिया उन्मूलन की दिशा में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया क्रैश कार्यक्रम 2025 (प्रथम चरण) की शुरुआत की है। यह कार्यक्रम 1 अप्रैल से 14 मई 2025 तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने और मलेरिया सहित अन्य मच्छर जनित रोगों से बचाव के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ0 सीपी गोस्वामी ने बताया कि मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने और राज्य को मच्छर जनित रोगों से मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिले में 14 मई तक चलाए जा रहे इस अभियान के तहत मच्छर प्रजनन स्थलों पर विभिन्न नियंत्रण उपायों को अपनाया जाएगा, जिनमें प्रमुख रूप से सोर्स रिडक्शन के माध्यम से मच्छरों के संभावित प्रजनन स्थलों को समाप्त किया जाएगा। एन्टीलार्वल और एन्टी एडल्ट गतिविधियाँः लार्वा और व्यस्क मच्छरों को नष्ट करने के लिए उचित दवाओं का छिड़काव किया जाएगा। जनता को जागरूक करने के लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग कर व्यापक स्तर पर आईईसी गतिविधियां संचालित की जायेगी। ड्राई-डे व लार्वा प्रदर्शन के माध्यम से समुदाय को मच्छर जनित रोगों से बचाव की जानकारी प्रदान करने के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से जनता को मलेरिया से बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत सभी ब्लॉक स्तर पर समस्त प्रकार की गतिविधियाँ आयोजित करने के लिए जिला स्तर से चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।

डिप्टी सीएमएचओ डॉ0 प्रवीण झरवाल ने बताया कि मलेरिया क्रैश प्रथम चरण के कार्यक्रम के तहत ब्लॉक स्तर पर पॉजिटिव केसों के लिए समयबद्व सोर्स रिडक्शन, एन्टीलार्वल, एन्टी एडल्ट व विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के आयोजन करने के साथ ही बायोलॉजिकल कंट्रोल की रणनीति को भी अपनाया जाएगा। इसके तहत हैचरी को सक्रिय किया जाएगा ताकि प्राकृतिक रूप से मच्छरों की संख्या को नियंत्रित किया जा सके। स्थायी जल स्रोतों में गम्बुशिया मछलियों को छोड़ा जाएगा, जो मच्छरों के लार्वा का सेवन कर उनके प्रसार को रोकने में सहायक होती हैं।

जनसहयोग से सफल होगा अभियान-

डिप्टी सीएमएचओ डॉ0 झरवाल ने बताया कि मच्छरों के प्रजनन को रोकने और जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए आमजन प्रत्येक सप्ताह एक दिन ’ड्राई डे’ जरूर मनाएँ। ड्राई-डे के दौरान सभी जलभराव वाले स्थानों की सफाई करें, पानी से भरे पात्रों को खाली करें और मच्छरों के संभावित प्रजनन स्थलों को नष्ट करें। आमजन को चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों का सहयोग करना चाहिए ताकि पानी में मच्छरों की उत्पत्ति को रोका जा सके।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें। ड्राई-डे के दौरान मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करने में सहयोग करें, जल भराव न होने दें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही सलाह का पालन करें।