BCCI: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने हाल ही में टीम इंडिया के होम सीजन का ऐलान किया था. इस दौरान उसने घरेलू मैचों का शेड्यूल जारी करते हुए बताया था कि साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2 मैचों की टेस्ट की सीरीज होनी है. इसका दूसरे मुकाबले की मेजबानी दिल्ली 14 से 18 नवंबर के बीच करेगी. यही वो महीना है जब दिल्ली में काफी प्रदूषण होता है. यहां की हवा की क्वालिटी काफी खराब होती है और सरकार को कई तरह की बाहरी एक्टिविटी पर रोक भी लगाने पड़ते हैं. ऐसे में भारत-साउथ अफ्रीका टेस्ट को सवाल उठने लगे हैं. लेकिन बोर्ड के सेक्रेटरी देवजीत साइकिया इस मैच को कराने पर अड़ गए हैं. उन्होंने दिल्ली में मैच रखने के फैसले का समर्थन किया है.

प्रदूषण को लेकर क्या बोले BCCI सेक्रेटरी?
BCCI सेक्रेटरी का कहना है कि सभी फैक्टर्स को ध्यान में रखकर ही नवंबर में दिल्ली में भारत-साउथ अफ्रीका टेस्ट मैच को रखा गया है. उनके मुताबिक हर साल प्रदूषण नहीं होता है. साइकिया ने कहा "हमने सभी फैक्टर्स पर विचार किया और सबसे बात करने के बाद रोटेशन पॉलिसी के तहत फैसला किया. प्रदूषण की समस्या हर साल नहीं होती है." दूसरी ओर दिल्ली क्रिकेट एसोसिएशन के सेक्रेटरी अशोक शर्मा ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है. उन्होंने कहा है कि भारत-साउथ अफ्रीका टेस्ट मैच को लेकर सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे, ताकि किसी भी खिलाड़ी को कोई दिक्कत ना हो और मुकाबले में कोई बाधा ना आए.

प्रदूषण की वजह से कब-कब हुई समस्या?
2023 का वनडे वर्ल्ड कप भारत में ही खेला गया था. तब नवंबर के महीने में ही बांग्लादेश और श्रीलंका का एक मैच दिल्ली में खेला जाना था. इस दौरान बांग्लादेश ने खराब हवा का हवाला देते हुए अपने प्रैक्टिस सेशन को रद्द कर दिया था. इससे पहले नवंबर 2019 में जब भारत और बांग्लादेश के वनडे मैच के दौरान दो खिलाड़ियों ने मैदान पर उल्टी कर दी थी. वहीं दिसंबर 2017 में भारत और श्रीलंका के बीच एक टेस्ट दिल्ली में रखा गया था. इस मुकाबले में श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने प्रदूषण की शिकायत की थी और मैच में मास्क लगाकर उतरे थे.

2024 में हवा थी बहुत खराब
एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) पर 300 से ज्यादा का स्तर होने पर हवा को बहुत खराब की कैटेगरी में रखा जाता है, जबकि 400 से ज्यादा होने पर 'गंभीर' माना जाता है. लेकिन पिछले साल दिल्ली की स्थिति इससे भी दयनीय हो गई थी. दिल्ली में AQI पर हवा की क्वालिटी को 18 नवंबर को 999 मापा गया था. इस दौरान लोगों को स्कूल बंद कर दिए गए थे और बाहरी एक्टिविटी पर रोक लगा दी गई थी.