पश्चिम एशिया तनाव के बीच फेड का बड़ा फैसला—दरें स्थिर
नई दिल्ली। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने बुधवार को अपनी प्रमुख ब्याज दर को 3.5% से 3.75% के दायरे में यथावत रखने का फैसला किया। फेड ने कहा कि उपलब्ध संकेतक बताते हैं कि आर्थिक गतिविधियां मजबूत गति से बढ़ रही हैं, हालांकि महंगाई अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है।
फेड ने क्या टिप्पणी की?
जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, रोजगार में वृद्धि सीमित रही है और बेरोजगारी दर में हाल के महीनों में बहुत अधिक बदलाव नहीं देखा गया है। फेड ने अपने दोहरे लक्ष्य अधिकतम रोजगार और दीर्घकाल में 2% महंगाई को दोहराते हुए कहा कि आर्थिक परिदृश्य को लेकर अनिश्चितता अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। फेड ने पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि इनका अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। समिति ने कहा कि वह अपने दोनों लक्ष्यों रोजगार और महंगाई से जुड़े जोखिमों पर बारीकी से नजर बनाए हुए है।
भविष्य के फैसले को लेकर क्या संकेत?
केंद्रीय बैंक ने संकेत दिया कि भविष्य में ब्याज दरों में किसी भी बदलाव का फैसला आने वाले आर्थिक आंकड़ों, बदलते वैश्विक परिदृश्य और जोखिमों के संतुलन को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। फेड ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि उसके लक्ष्यों में बाधा डालने वाले जोखिम सामने आते हैं, तो वह मौद्रिक नीति के रुख में उचित बदलाव करने के लिए तैयार है। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के अधिकांश सदस्यों ने इस फैसले का समर्थन किया, जिसमें चेयरमैन जेरोम एच पॉवेल और वाइस चेयर जॉन सी. विलियम्स शामिल रहे। वहीं, सदस्य स्टीफन आई. मिरान ने इस फैसले का विरोध करते हुए 0.25 प्रतिशत की दर कटौती का समर्थन किया।
युवाओं के लिए मध्यप्रदेश के 4 महानगरों में प्रारंभ होंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना: सृष्टि को घर के बिजली बिल में मिली बड़ी राहत
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076: सीसी रोड बनने से ग्रामीणों को मिली राहत
गुणवत्ता, समयबद्धता और जवाबदेही से पूर्ण हों सभी सेतु निर्माण परियोजनाएं : लोक निर्माण मंत्री सिंह
संतों की वाणी से बेहतर जीवन का मार्ग प्रशस्त होता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
बयानबाजी के बाद बढ़ी परेशानी, अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज हुआ नया मामला
बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, असम में बाढ़ से 50 की मौत, हजारों घरों में ब्लैकआउट
इराक से वेस्ट बैंक तक हिंसा, धमाकों और गोलीबारी से फिर भड़का तनाव
बैठक खत्म, सहमति नहीं; कल फिर आमने-सामने होंगे सरकार और CJP