रीको द्वारा रूपाहेली औद्योगिक क्षेत्र के विकास हेतु लगभग 221 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी
जयपुर। वस्त्र नगरी भीलवाड़ा के टेक्सटाइल पार्क रूपाहेली में वस्त्र उद्योग स्थापित करने के इच्छुक निवेशकों के लिये अच्छी खबर है। रीको द्वारा प्रत्यक्ष आवंटन योजना के दसवें चरण में निवेशकों के लिये 1500 वर्गमीटर से 36,000 वर्गमीटर तक के औद्योगिक भूखण्ड आवंटन हेतु उपलब्ध कराये जा रहे हैं। राइजिंग राजस्थान के अंतर्गत राज्य सरकार के साथ एमओयू करने वाले निवेशक रीको के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दिनांक 14 मई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। जिन निवेशकों ने अब तक एमओयू निष्पादित नहीं किया है वे भी आवेदन की अंतिम तिथि दिनांक 14 मई 2026 तक एमओयू करके योजना में भाग ले सकते हैं।
टेक्सटाइल पार्क, रूपाहेली में कॉटन एवं नेचुरल फाइबर, मैन मेड फाइबर, गारमेंट एवं रेडीमेड वस्त्र, टेक्निकल टेक्सटाइल, हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट, वूल प्रोसेसिंग तथा टेक्सटाइल एक्सेसरीज से संबंधित उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं।
रीको द्वारा रूपाहेली औद्योगिक क्षेत्र के विकास हेतु लगभग 221 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी की जा चुकी है। क्षेत्र में सड़क, पुलिया, बाउंड्री वॉल सहित आधारभूत ढांचे के विकास कार्य प्रगति पर हैं। विद्युत लाइनों एवं हाईमास्ट लाइट हेतु भी कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। औद्योगिक क्षेत्र की पर्यावरणीय स्वीकृति भी राज्य स्तरीय पर्यावरण प्रभाव आंकलन प्राधिकरण से प्राप्त हो चुकी है, जिससे निवेशकों को उद्योग स्थापना में आसानी होगी।
रीको द्वारा यह टेक्सटाइल पार्क भीलवाड़ा जिले की तहसील हुरडा में स्थापित किया गया है, जहां स्पिनिंग, वीविंग, प्रोसेसिंग एवं रेडीमेड गारमेंट इकाइयों को सभी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। लगभग 209 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किये गये इस पार्क में 500 वर्गमीटर से 1,25,000 वर्गमीटर तक के कुल 275 औद्योगिक भूखण्ड नियोजित किये गये हैं।
राजस्थान टेक्सटाइल एंड अपैरल पॉलिसी-2025 के अंतर्गत आने वाली टेक्सटाइल इकाइयां यहां निवेश कर कम लागत में अपना उद्यम स्थापित कर सकती हैं। इस क्षेत्र के उद्यमों को राजस्थान सरकार की टेक्सटाइल एंड अपैरल पॉलिसी-2025 के तहत कई आकर्षक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इनमें 10 वर्ष तक एसेट क्रिएशन इंसेंटिव, स्टाम्प ड्यूटी एवं इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में छूट, पर्यावरण अनुकूल प्रोजेक्ट्स के लिये ग्रीन सॉल्यूशन इंसेंटिव तथा कर्मचारियों के प्रशिक्षण व्यय का 50 प्रतिशत सरकार द्वारा वहन किया जाना शामिल है। साथ ही एमएसएमई इकाइयों को राजस्थान एमएसएमई पॉलिसी-2024 के तहत अतिरिक्त लाभ भी प्राप्त होंगे। इससे निवेशकों को उत्पादन लागत कम करने और प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
राजस्थान सरकार की इस महत्वाकांक्षी पहल का उद्देश्य राज्य को देश का प्रमुख टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग एवं एक्सपोर्ट हब बनाना है। रूपाहेली टेक्सटाइल पार्क में उद्योग स्थापित कर निवेशक सरकारी प्रोत्साहनों का लाभ लेते हुए अधिक मुनाफा और दीर्घकालिक औद्योगिक विकास सुनिश्चित कर सकते हैं।
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