बाजार में बंपर तेजी, सेंसेक्स-निफ्टी ने लगाई लंबी छलांग
नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार ने बुधवा को मजबूत शुरुआत की। वैश्विक बाजारों में आई तेजी और पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-ईरान संघर्ष के जल्द खत्म होने की उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1,899.53 अंक बढ़कर 73,847.08 पर पहुंचा; निफ्टी 572.55 अंक बढ़कर 22,903.95 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 15 पैसे बढ़कर 94.70 पर पहुंच गया।
सेंसेक्स की कंपनियों का हाल
सेंसेक्स की सभी 30 कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी गई, जिनमें ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, अदानी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन और लार्सन एंड टुब्रो प्रमुख लाभ कमाने वाली कंपनियां बनकर उभरीं।
बाजार में उछाल का कारण
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि यह संघर्ष अगले तीन हफ्तों में समाप्त हो सकता है। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भी कहा कि तेहरान इस संकट को खत्म करने की जरूरी इच्छाशक्ति रखता है। इन बयानों के बाद एशियाई और वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना। इस सकारात्मक संकेत का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला, जहां शुरुआती कारोबार में खरीदारी हावी रही। हालांकि, डॉलर पर दबाव बना हुआ है और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड में तेजी जारी है, जो निवेशकों की सतर्कता को भी दर्शाता है।
एशियाई बाजारों में दिखी तेजी
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक तेजी से ऊपर चढ़ रहे थे। कोस्पी में लगभग 7 प्रतिशत की उछाल आई, जबकि निक्केई 225 सूचकांक में 4 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। मंगलवार को अमेरिकी बाजार में उल्लेखनीय तेजी देखी गई। नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स में 3.83 प्रतिशत, एसएंडपी 500 में 2.91 प्रतिशत और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 2.49 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
ब्रेंट का भाव 105.3 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया
हालांकि, दूसरी तरफ कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है। रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता के चलते सप्लाई बाधित होने का खतरा बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) करीब 103 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहा। इस संघर्ष का आर्थिक असर भी साफ दिखने लगा है। अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत चार साल में पहली बार 4 डॉलर प्रति गैलन के पार पहुंच गई है। वहीं यूरोप में महंगाई तेज हो गई है, जिससे निपटने के लिए सरकारें राहत पैकेज और समर्थन उपाय लागू कर रही हैं। श्री महावीर जयंती के उपलक्ष्य में मंगलवार को शेयर बाजार बंद रहे। बाजार विनिमय आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 11,163.06 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 14,894.72 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। सोमवार को सेंसेक्स 1,635.67 अंक या 2.22 प्रतिशत गिरकर 71,947.55 पर बंद हुआ। निफ्टी 488.20 अंक या 2.14 प्रतिशत गिरकर 22,331.40 पर समाप्त हुआ।
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