महापौर का बयान: “जिसकी जरूरत होती है, वही सामान खरीदते हैं”
इंदौर। नगर निगम में किराए के फायर वाहनों के नाम पर लाखों रुपये के वारे-न्यारे करने का बड़ा आरोप लगा है. निगम के नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे का सीधा आरोप है कि जिन फायर वाहनों को निगम बेहद आसानी से खुद खरीद सकता था, उन्हें जानबूझकर वर्षों से भारी-भरकम किराए पर चलाकर ठेकेदारों की तिजोरियां भरी जा रही हैं. चौकसे ने कहा कि यह मामला सीधे तौर पर जनता की गाढ़ी कमाई की फिजूलखर्ची और मलाईदार कमीशनखोरी की ओर इशारा कर रहा है. इस मामले पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव गोलमोल जवाब देकर कह रहे हैं कि हमें जिसकी आवश्यकता होती है वहीं सामान खरीदते हैं।
10 फायर वाहनों का संचालन किराए पर हो रहा
इंदौर नगर निगम वर्तमान में 10 फायर वाहनों का संचालन किराए पर कर रहा है, जिनमें से प्रत्येक दमकल के लिए हर महीने 1 लाख रुपये का मोटा भुगतान किया जा रहा है. चौंकाने वाला सच यह है कि एक नए फायर वाहन की बाजार में कीमत महज 32 लाख रुपये है. निगम अब तक किराए के रूप में इन वाहनों की असल कीमत से कहीं ज्यादा राशि दे चुका है. इनमें से 4 वाहन तो फील्ड पर जाकर सेवा देने के बजाय निगम के कंट्रोल रूम के बाहर ही खड़े रहकर ‘किराया’ बटोर रहे हैं. चौकसे ने इस पूरे खेल के पीछे बड़े कमीशन और मिलीभगत का दावा करते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, जिससे निगम की पूरी कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है. चौकसे ने कहा कि आत्मनिर्भर निगम बनाने की बात कही जाती है, लेकिन हकीकत बिल्कुल अलग है।
‘जिनकी जरूरत, उन वस्तुओं को खरीदते हैं’
वहीं इस मामले को लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव गोलमोल जवाब देते नजर आए. महापौर भार्गव ने कहा कि हमें जिन वस्तुओं की आवश्यकता होती है, उसे खरीदते हैं. वर्तमान में हमने फायर रोबोट खरीदा है। इंदौर में तमाम दमकल वर्षों पुरानी है, इनमें से कई तो कंडम भी हो चुकी हैं. आगजनी के समय कई दमकल प्रेशर तक नहीं दे पाती हैं. इसकी वजह से आगजनी के समय कई बार समस्याएं भी देखने को मिलती हैं।
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