मेरठ साउथ से मोदीपुरम जाने वाली मेट्रो का एमईएस कॉलोनी पर ठहराव स्थगित
दिल्ली-मेरठ। आरआरटीएस (नमो भारत) कॉरिडोर के एमईएस कॉलोनी स्टेशन का उपयोग करने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। तकनीकी खराबी के कारण इस स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर फिलहाल ट्रेनों का ठहराव बंद कर दिया गया है। एनसीआरटीसी का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और परिचालन संबंधी कारणों से यह निर्णय लिया है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि कुछ तकनीकी समस्या के कारण मेरठ साउथ से मोदीपुरम जाने वाली मेट्रो फिलहाल एमईएस कॉलोनी स्टेशन पर नहीं रुकेगी। यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशनों पर लगातार घोषणाएं की जा रही हैं और नोटिस भी लगाए गए हैं। प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि व्यवस्था सामान्य होने तक वे एमईएस स्टेशन के बजाय उससे पहले या अगले स्टेशन का उपयोग करें। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि इस बदलाव के कारण यात्रियों को किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। साथ ही बताया कि मोदीपुरम से मेरठ साउथ जाने वालीं मेट्रो इस स्टेशन पर रुकेंगी।
व्यवस्था की कमी से यात्री परेशान, एक घंटे तक नहीं दिया बाहर जाने
एमईएस स्टेशन पर मेट्रो को न रोके जाने के निर्णय की जानकारी एनसीआरटीसी ने पहले यात्रियों को नहीं दी थी। इस लापरवाही का खमियाजा आम यात्रियों को भुगतना पड़ा। शुक्रवार को शताब्दीनगर से एमईएस स्टेशन के लिए यात्रा कर रहे अजय कुमार भी इस लापरवाही का शिकार हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले तो उन्हें मेट्रो के एमईएस स्टेशन पर नहीं रुकने की जानकारी नहीं दी गई और जब उन्होंने स्टेशन स्टाफ से बात की तो उन्होंने अभद्र व्यवहार किया। करीब एक घंटे तक उन्हें स्टेशन से नहीं जाने दिया। स्टाफ उनसे 210 रुपये जुर्माना मांग रहा था, हालांकि बाद में उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद यात्री को जाने दिया गया। अजय कुमार ने बताया कि उन्होंने 30 रुपये का ऑनलाइन टिकट लेकर शाम 4:50 बजे शताब्दी नगर से अपनी यात्रा शुरू की। आरोप है कि जब वह एमईएस स्टेशन पहुंचे तो मेट्रो नहीं रुकी। इस पर उन्होंने आपातकालीन बटन के जरिए महिला चालक से संपर्क किया। चालक ने तकनीकी खराबी का हवाला देते हुए उन्हें अगले स्टेशन डोरली पर उतरने को कहा। अजय ने बताया कि जब वह डोरली स्टेशन पर उतरे तो वहां तैनात कर्मचारी ने उनकी बात सुनने के बजाय उन पर गलत स्टेशन पर आने का आरोप लगाया और वापस एमईएस जाकर ही बाहर निकलने की बात कही। अजय ने बताया कि जब दूसरी मेट्रो से वापस एमईएस स्टेशन पहुंचे तो वहां के एएफसी गेट पर भी उनका टिकट स्कैन नहीं हुआ। आरोप है कि एमईएस स्टेशन पर तैनात कर्मचारी ने अपनी गलती मानने के बजाय उन पर 210 रुपये का जुर्माना ठोक दिया। जब उन्होंने विरोध किया तो कर्मचारियों ने पुलिस बुला ली और उन्हें लगभग एक घंटे तक स्टेशन से जाने नहीं दिया। यात्री का आरोप है कि स्टेशन के कर्मचारियों को खुद इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनके स्टेशन पर ट्रेनें नहीं रुक रही हैं।
उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मिली राहत
बाद में यात्री ने जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स से संपर्क किया। मामला संज्ञान में आते ही पुनीत वत्स ने मेट्रो के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए, जिसके बाद बिना जुर्माना वसूले अजय कुमार को स्टेशन से बाहर जाने दिया गया। इस घटना ने एनसीआरटीसी के कर्मचारियों के प्रशिक्षण और स्टेशनों के बीच संचार व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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