राहुल गांधी को संसद के कामकाज में कोई रुचि नहीं........वे काम को बाधित करते
नई दिल्ली। मोदी सरकार में संसदीय कार्य मंत्री किरन रीजिजू ने दावा किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को संसद के कामकाज में कोई रुचि नहीं है, वे केवल सदन के काम को बाधित करते हैं। केंद्रीय मंत्री रीजिजू ने कहा कि कुछ गैर सरकारी संगठनों ने राहुल गांधी को यह सिखाया है कि उनकी पार्टी के “अच्छे दिन” आएंगे, इसलिए वह केवल मुद्दे बनाने में ही व्यस्त हैं। केंद्रीय मंत्री रीजीजू ने कहा, राहुल गांधी को सदन की कार्यवाही में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्हें सिर्फ मुद्दे बनाने में दिलचस्पी है। उनके समय की संभावना नहीं है, और अगले चुनाव में उनकी सीटें और कम होगी। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन ने विपक्ष से स्थिति को शांत करने के कई प्रयास किए, लेकिन कांग्रेस को मनाने के लिए अब कोई अतिरिक्त कदम नहीं उठाया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस हताश है, क्योंकि पार्टी लगातार चुनाव हार रही है और वह स्थिति बदलने के लिए बेताब है। उन्होंने दावा किया कि छोटी पार्टियां राहुल गांधी से नाखुश हैं और कुछ ने अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पर हस्ताक्षर तक नहीं किए है। रीजिजू ने कहा, पूरा विपक्ष कांग्रेस के साथ नहीं है। छोटी पार्टियां अपने समय का सदुपयोग नहीं कर पा रही हैं और वे चाहते हैं कि सदन का कामकाज जारी रहे।
लोकसभा में बजट सत्र के पहले भाग में लगातार व्यवधान और स्थगन की स्थिति रही। दरअसल, राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण पर आधारित लेख का हवाला देना चाहते थे, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ने उन्हें इसका उल्लेख करने से रोक दिया। इसके बाद सदन में अनुशासनहीनता के लिए विपक्ष के आठ सदस्यों को शेष सत्र के लिए निलंबित किया गया।
इसके बाद विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी पेश कर पक्षपातपूर्ण आचरण का आरोप लगाया। लोकसभा अध्यक्ष ने इसके कुछ घंटों बाद सदन की अध्यक्षता से स्वयं को अलग कर लिया। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन के साथ शुरू हुआ था, और बजट 2026 1 फरवरी को पेश किया गया। सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा।
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