कांग्रेस की पूर्व पार्षद ने नर्स से की हाथापाई, सिविल अस्पताल में बवाल
जबलपुर के सिहोरा स्थित सिविल अस्पताल से कांग्रेस नेत्री पूर्व पार्षद सबा खान का नर्सिंग स्टाफ के साथ अभद्रता और हाथापाई करने का मामला सामने आया है. इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. जानकारी के अनुसार इस विवाद के पीछे का कारण डॉक्टर की पर्ची (प्रिस्क्रिप्शन) के बिना इंजेक्शन लगवाने को लेकर बताया जा रहा है |
नर्स ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
दरअसल, घटना गुरुवार की बताई जा रही है. अस्पताल प्रभारी और स्टाफ नर्स श्वेता नेगी ने इस मामले को लेकर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में नर्स श्वेता नेगी ने बताया कि वह सिविल अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में पदस्थ हैं. घटना के बारे में नर्स ने बताया कि ड्यूटी के दौरान एक महिला, जिसने अपना नाम सबा बनो बताया और वहा ग्लूटाथायन नाम का इंजेक्शन लेकर उनके पास आई और उसे लगाने के लिए उन पर दबाव डालने लगी |
नर्स श्वेता ने जब महिला से उस इंजेक्शन की पर्ची (प्रस्क्रिप्शन) मांगा, तो महिला ने हाथ उठाते हुए नर्स का गला दबोच लिया और मारने का प्रयास करते हुए धक्का मार दिया. नर्स ने बताया कि डॉक्टर और अस्पताल प्रभारी डॉ. सुनील लटियार के निर्देश पर ही नर्स ने महिला से इंजेक्शन का प्रिस्क्रिप्शन मांगा था |
पूर्व पार्षद ने नर्स को दी गालियां
पुलिस शिकायत में यह भी बताया गया है कि महिला ने नर्स के साथ अभद्रता करते हुए गालियां दीं और अस्पताल के बाहर निकलने की धमकी भी दी. इस पूरे घटनाक्रम में नर्स श्वेता मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित हुई हैं. नर्स ने थाना प्रभारी को इस मामले में महिल सबा खान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है. इस पूरे मामले में जानकारी निकल कर सामने आई है कि अस्पताल में अभद्रता करने वाली महिला कांग्रेस की पूर्व पार्षद हैं और उनके पति अरशद खान वर्तमान में पार्षद पद पर बने हुए है |
मुस्लिम विवाह कानून पर हाई कोर्ट की स्पष्टता, फैसला चर्चा में
MP में अनोखी पहल: गाली देने पर लगेगा 500 रुपये का जुर्माना
सैन्य सहयोग से पीछे हटने की खबरों पर चीन की सफाई
हाईकोर्ट सख्त, पहले रिकॉर्ड जांच फिर जारी होंगे परिणाम
90 लाख वोटर्स का नाम कटने का दावा, बंगाल में चुनावी राजनीति गरमाई
काम की तलाश में निकले मजदूर हादसे का शिकार
कांग्रेस का बड़ा फैसला, बारामती सीट पर उपचुनाव नहीं लड़ेगी
108 देशों में गूंजी शांति की पुकार, उदयपुर रहा मुख्य केंद्र