यह सीजफायर नहीं कहा जा सकता, जब तक इजराइली सेना पूरी तरह गाजा से नहीं हटे
दोहा। कतर के पीएम शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने कहा है कि गाजा में मौजूदा हालात को सीजफायर नहीं कहा जा सकता। इसके लिए पूरे इलाके से इजराइल को हटना होगा। अल थानी ने यह बात एक चर्चा के दौरान कही। अल थानी ने कहा कि अमेरिका के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ गाजा में शांति समझौते को पक्का करने के लिए दूसरे चरण के लिए आगे का रास्ता बनाने पर काम कर रहे हैं। उन्होंने गाजा में शांति प्रक्रिया को एक अहम मोड़ पर बताया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अल थानी ने कहा कि हमने अभी जो किया है, वह एक ठहराव है। हम इसे अभी सीजफायर नहीं मान सकते। युद्धविराम तब तक पूरा नहीं हो सकता जब तक इजराइली सेना पूरी तरह से गाजा से वापस नहीं हो जाती। गाजा में स्थिरता आ जाए, लोग आ-जा सकें, जो आज नहीं है। बता दें बीते 10 अक्टूबर को अमेरिकी पीस प्लान के तहत हुए युद्धविराम की शुरुआत में इजराइल ने अपनी सेना को एक येलो लाइन पर वापस बुला लिया था। यह काल्पनिक येलो लाइन मानचित्र पर गाजा पट्टी को मोटे तौर पर पूर्व और पश्चिमी हिस्सों में बांटती है। इसके साथ ही इजराइल को राफा बॉर्डर क्रॉसिंग को फिर से खोलने की इजाजत देनी थी, लेकिन वह एक महीने से ज्यादा समय तक यह कहकर टाल दिया कि हमास को गाजा में बचे हुए मृत बंधकों के अवशेष सौंपने होंगे।
बता दें अक्टूबर में हुए युद्धविराम ने दो साल से चल रही लड़ाई को रोक दिया है। हालांकि, दोनों पक्ष एक दूसरे पर उल्लंघन का आरोप लगाते हैं। गाजा में हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि 10 अक्टूबर को युद्धविराम लागू होने के बाद से अब तक 360 से ज्यादा फिलिस्तीनी इजराइली फायरिंग में मारे गए हैं। नई हिंसा में हॉस्पिटल ने बताया कि गाजा शहर के उत्तर-पश्चिम में इजराइली एयरस्ट्राइक में दो फिलिस्तीनी मारे गए। इजराइली सेना ने कहा कि उस पर जगह पर एयरस्ट्राइक के बारे में जानकारी नहीं थी। हालांकि, इसने बताया कि इजराइली सैनिकों ने शनिवार को तीन मिलिटेंट को मार गिराया, जो येलो लाइन पार करके इजराइल नियंत्रित उत्तरी गाजा में घुस आए थे।
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