काली थार पर सख्ती का असर, राजधानी में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना
जयपुर | राजधानी जयपुर में इन दिनों काले रंग की थार विशेष रूप से पुलिस के निशाने पर है। सड़क पर काली थार दिखते ही पुलिस वाले रोक रहे हैं। जयपुर दक्षिण पुलिस ने कमिश्नर पुलिस जयपुर के निर्देश पर काली थार, काली स्कॉर्पियो, काले शीशे वाले वाहन, मॉडिफाइड साइलेंसर वाली बाइक और पावर बाइक के विरुद्ध विशेष अभियान चला रखा है। बीते 2 दिनों में कुल 141 वाहन जब्त किए गए, जिनमें काले शीशे वाले 100 थार और स्कॉर्पियो वाहन और अन्य उल्लंघन और 41 पावर बाइक/मॉडिफाइड बाइक शामिल हैं। वाहनों को जब्त कर नारायण विहार ले जाया गया। जहां पुलिस ने वाहनों के चालान बनाकर कर इन वाहनों के काले स्टिकर हटाए।
प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के चलते पुलिस ने सड़क सुरक्षा अभियान भी पिछले महीने चलाया थ। इस अभियान में भी बड़ी संख्या में वाहनों की जब्ती और चालान की कार्रवाई की गई थी। पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत पुलिस विभाग ने 4 से 15 नवंबर तक शराब पीकर वाहन चलाने पर 7971 , तेज गति से वाहन चलाने पर 55 हजार 717, गलत दिशा में वाहन चलाने पर 39 हजार 940, खतरनाक तरीके से वाहन चलाने पर 3505, बिना रिफ्लेक्टर वाहन चलाने पर 11 हजार 387 तथा बिना नंबर प्लेट वाहन चलाने पर 20 हजार 419 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान 5 लाख 43 हजार 518 नागरिकों को यातायात नियमों एवं सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूक किया गया।
परिवहन विभाग ने किए 21000 से अधिक वाहनों के चालान, 121 वाहनों के रजिस्ट्रेशन रद्द
सड़क सुरक्षा अभियान के तहत परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग ने राज्य में नियमों का उल्लंघन करने पर अब तक (15 नवंबर तक) कुल 21695 वाहनों के चालान किए गए। इसमें मालवाहक वाहनों पर ओवरलोडिंग के 1338, इन वाहनों में यात्री पाए जाने पर 427 तथा अन्य नियमों का उल्लंघन करने पर 14875 मालवाहक वाहनों के चालान किए गए। यात्री वाहनों में क्षमता से अधिक यात्री पाए जाने पर 222, छत पर सामान रख संचालन करने पर 44 बसों तथा अन्य नियमों का उल्लंघन करने पर 2671 यात्री वाहनों का चालान किया गया है। परिवहन विभाग ने 449 व्यक्तियों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त तथा 121 वाहनों के रजिस्ट्रेशन रद्द किए हैं। इस दौरान 1124 वाहनों को सीज किया गया है तथा 57 वाहनों के परमिट भी कैंसिल किए गए हैं। साथ ही, विभाग द्वारा अन्य प्रकरणों में भी चालान किए गए।
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