मेरठ सौरभ हत्याकांड: डॉक्टर का बड़ा खुलासा – ‘मैंने सिर्फ पेट दर्द की दवा लिखी थी, मुस्कान ने पर्ची बदल डाली’
मेरठ: मेरठ के बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड में सोमवार को जिला जज संजीव पांडे की कोर्ट में 8 वें गवाह डॉक्टर अरविंद देशवाल का बयान दर्ज हुआ। डॉक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्होंने सिर्फ पेट दर्द और कमजोरी की दवा लिखी थी, लेकिन मुस्कान ने उस पर्चे से छेड़छाड़ करके मेडिकल स्टोर से नशीली दवा खरीदी थी। अदालत में कंप्यूटर स्क्रीन पर मुस्कान को दिखाकर पहचान कराई गई। डॉक्टर देशवाल ने तुरंत उसकी पहचान कर पुष्टि भी की। गवाह के तौर पर पेश हुए डॉक्टर अरविंद देशवाल ने कोर्ट को बताया कि वह पिछले 32 साल से मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके में शास्त्री की कोठी के पास क्लिनिक चला रहे हैं। उनका क्लिनिक उनके नाम से ही है और उन्होंने बीएएमएस की डिग्री कानपुर विश्वविद्यालय से हासिल की है। डॉक्टर ने बताया कि मरीजों की भीड़ सीजन पर निर्भर रहती है। सामान्य दिनों में 10–12 मरीज आते हैं। उन्होंने कहा कि 2015 के शासनादेश के बाद बीएएमएस डॉक्टरों को एलोपैथिक दवाइयां लिखने का भी अधिकार मिला है।
बचाव पक्ष की वकील ने तीन घंटे तक की जिरह
मुस्कान और साहिल के पक्ष से केस लड़ रहीं एडवोकेट रेखा जैन ने डॉक्टर देशवाल से करीब तीन घंटे तक सवाल-जवाब किए। उन्होंने डॉक्टर से क्लिनिक के नाम, डिग्री, मरीजों की संख्या और दवाओं को लेकर विस्तृत पूछताछ की। डॉक्टर ने सभी सवालों के जवाब दिए और यह भी बताया कि वह कोर्ट में अपनी बीएएमएस प्रमाणपत्र की छाया प्रति लेकर आए हैं।
सौरभ की हत्या से पहले दी गई थी नशीली दवा
जांच एजेंसियों के अनुसार, 3 मार्च को पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या से पहले उसे नशीला पदार्थ दिया गया था। पुलिस का कहना है कि मुस्कान ने डॉक्टर देशवाल द्वारा दी गई असली पर्ची में बदलाव कर लिया था और उसी बदली हुई पर्ची के जरिए बेहोशी का इंजेक्शन खरीदा। इसके बाद मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर सौरभ की चाकू से हत्या की और शव के टुकड़े कर उन्हें सीमेंट से भरे ड्रम में छिपा दिया।
मेडिकल स्टोर से खरीदी गई दवा
हत्या के बाद जब जांच शुरू हुई तो मेरठ के ड्रग इंस्पेक्टर पीयूष शर्मा और उनकी टीम उषा मेडिकल स्टोर पहुंचे। टीम ने पाया कि मुस्कान ने वहीं से दवाइयां खरीदी थीं। हालांकि स्टोर मालिक अमित जोशी ने कहा कि उन्होंने दवा बिना पर्चे के नहीं दी। महिला ने अपने मोबाइल फोन से डॉक्टर का पर्चा दिखाया था और उसी आधार पर दवाएं बेची गईं।
केस में अब तक आठ गवाहों के बयान पूरे
सौरभ की तरफ से केस लड़ रहे वरिष्ठ अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह ने बताया कि मामले में कुल 34 गवाह हैं। अब तक सात गवाहों के बयान हो चुके थे और आठवें गवाह डॉक्टर देशवाल की गवाही 9 सितंबर को दर्ज हुई। इससे पहले 5 सितंबर को यह कार्यवाही होनी थी, लेकिन जज के न बैठने से तारीख आगे बढ़ गई थी।
चर्चित बना सौरभ हत्याकांड
मेरठ का यह केस लगातार सुर्खियों में है। पति की हत्या और शव के टुकड़े-टुकड़े करने की घटना ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया था। पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, हत्या की साजिश पहले से रची गई थी और इसके लिए नशीली दवा का सहारा लिया गया। कोर्ट में गवाहियों का सिलसिला जारी है और जैसे-जैसे गवाह पेश हो रहे हैं, मामले की कड़ियां और भी साफ होती जा रही हैं।
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