90 मिनट तक बाघों से घिरे रहे सैलानी, सफारी गाइड जंगल में छोड़ भागा
राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर नेशनल पार्क में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी लापरवाही सामने आई है. यहां पर्यटकों को टाइगर सफारी कराने गए एक गाइड ने उनको अंधेरे में जंगल के बीचों-बीच छोड़ दिया. सफारी के दौरान पर्यटकों से भरा एक कैंटर अचानक जंगल के बीचों-बीच खराब हो गया. इस कैंटर में महिलाएं और बच्चे भी सवार थे.
आरोप है कि कैंटर में सवार गाइड ने पर्यटकों को जंगल में ही छोड़ दिया और जाते समय अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि वह दूसरा कैंटर लेकर आ रहा है. मामला 16 अगस्त की शाम का है. शाम 6 बजे से 7:30 बजे तक पर्यटक अंधेरे में फंसे रहे. इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बच्चे बैठे और मोबाइल की रोशनी में रोते हुए दिखाई दे रहे हैं.
वन विभाग ने समय पर मदद नहीं की
पर्यटकों का कहना है कि बार-बार मदद की गुहार लगाने के बावजूद वन विभाग ने समय पर मदद नहीं की. आखिरकार एक पर्यटक दूसरी जीप में राजबाग नाका चौकी पहुंचा और वहां से बाकी पर्यटकों को लाने के लिए एक गाड़ी लाई गई. शिकायत के बाद वन विभाग ने लगभग ढाई घंटे की देरी से बिना लाइट वाला कैंटर भेजा. राजबाग नाका चौकी पर तैनात वन अधिकारी विजय मेघवाल और पर्यटकों के बीच विवाद हुआ.
अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि विभाग इसके लिए जिम्मेदार नहीं है. वहीं इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. कैंटर गाइड मुकेश कुमार बैरवा, कैंटर चालक कन्हैया, शहजाद चौधरी और लियाकत अली के पार्क में प्रवेश पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है.
भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
डीएफओ के आदेश में कहा गया है कि कैंटर संख्या आरजे25-पीए-2171 16 अगस्त की शाम को जंगल में खराब हो गया था. वन संरक्षक अनूप ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी गाइड या चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
राशिफल 28 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
हौसलों को मिला सहारा, दिव्यांगजनों की बदली जिंदगी
सशक्त नारी, विकसित प्रदेशः ‘बिहान’ से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनीं सकीना
मुंबई में आयोजित वर्ड पावर चैंपियनशिप 2026 में छठवां स्थान हासिल किया छात्र रोशन निषाद ने
फूलों की खुशबू से महकी किस्मत ईश्वरचरण पैकरा का
मध्यप्रदेश की ‘बाग प्रिंट’ कला को पेरिस में मिलेगा वैश्विक मंच
सिलफिली की मालती बनीं ‘लखपति दीदी‘, अपने साथ-साथ 14 महिलाओं को दिया रोजगार
राज्यपाल डेका ने खैरागढ़ विश्वविद्यालय की नई बस को दिखाई हरी झंडी
एमपी बोर्ड परीक्षाओं में सांदीपनि विद्यालयों के 58 विद्यार्थी मेरिट में